By अनन्या मिश्रा | May 27, 2026
जब भी महिला की सेहत की बात हो या फिर फैमिली की बात हो, तो गर्भनिरोधक गोलियां लेने की बात सबसे ऊपर आती है। महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल असंतुलन को यह गोलियां काफी हद तक कंट्रोल करती हैं। इन गोलियों को लेने से अनवांडेट प्रेग्नेंसी को रोका जाता है। वहीं कुछ महिलाएं जब गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं, तो उनको तेज सिर दर्द की समस्या होती है। जोकि अक्सर माइग्रेन की वजह होती है।
माइग्रेन पर गर्भनिरोधक गोलियां अलग-अलग तरह से असर डाल सकती हैं। यह गोलियां शरीर पर क्या असर करती हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि महिला का शरीर हार्मोनल बदलाव को लेकर कितना ज्यादा सेंसिटिव है। वहीं कौन सी गोली का इस्तेमाल किया जा रहा है। एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल में बदलाव माइग्रेन की वजह बनता है। इसलिए कई बार यह माइग्रेन की समस्या को कम कर सकती हैं और कई बार बढ़ा भी सकती हैं।
वहीं जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान माइग्रेन होता है, उनके लिए यह गोलियां फायदेमंद हो सकती हैं। क्योंकि यह गोलियां बॉडी में एस्ट्रोजन के लेवल को स्थिर रखती हैं। जिससे माइग्रेन की समस्या कम हो सकती है। लेकिन कुछ महिलाओं में इन गोलियों के सेवन के बाद माइग्रेन की समस्या हो सकती है या फिर पहले से ज्यादा बढ़ सकती है। जब गोली के बीच में ब्रेक होता है, तो माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है।
बाजार में कई ऐसी लो डोज पिल्स मिलती हैं, जिनमें एस्ट्रोजन की मात्रा काफी कम होती है। हार्मोनल उतार-चढ़ाव को यह गोलियां कम करने में मदद करती हैं। जिससे माइग्रेन के ट्रिगर्स को कंट्रोल किया जा सके।
उन महिलाओं को लगातार पैक लेना चाहिए, जिनको पीरियड्स के दौरान माइग्रेन होता है। इसमें आप बिना किसी ब्रेक के गोलियां लेती हैं, जिससे पीरियड्स कम बार होते हैं। वहीं जब आपको पीरियड्स नहीं होंगे तो एस्ट्रोजन लेवल भी नहीं गिरेगा और आपका माइग्रेन से बचाव भी होगा।
नॉर्मल गर्भनिरोधक पैक में प्लेसबो या खाली गोलियां 7 दिनों की होती है। ऐसे में डॉक्टर इस गैप को कम करके 2 या 3 दिन करने की सलाह दे सकते हैं। जिससे बॉडी में हार्मोन लेवल बिल्कुल न गिरे।
अगर गर्भनिरोधक गोलियां लेने के बाद सिर दर्द बढ़ जाता है, या पहली बार माइग्रेन का दर्द शुरू हो तो इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह चेतावनी का संकेत हो सकता है कि आपकी बॉडी में हार्मोनल असंतुलन है। वहीं आपको नीचे बताई गई बातों का भी ध्यान रखना चाहिए।
ऑरा वाले माइग्रेन में कम्बाइन्ड ओरल कंट्रासेप्टिव में एस्ट्रोजन होता है। उसको लेने से बचने की सलाह दी जाती है। क्योंकि यह माइग्रेन को बढ़ा सकता है।
अगर आप पहले से दवा ले रही हैं और आपका सिर दर्द बढ़ जाता है, दर्द के साथ बोलने में मुश्किल, माइग्रेन बार-बार ट्रिगर करें या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस हो, तो इस स्थिति में आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
स्मोकिंग से दूरी बनाएं, क्योंकि यह ब्लड के थक्के और स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
इसके अलावा ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना चाहिए। क्योंकि बीपी दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।
गर्भनिरोधक गोलियां लेने से माइग्रेन ट्रिगर होना एक गंभीर समस्या है। लेकिन यह गोलियां लेने से पहले आपको डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करना चाहिए। वहीं अगर गर्भनिरोधक गोलियां लेने के बाद माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाए, तो स्थिति में भी डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आपको पहले से माइग्रेन की समस्या है और गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से यह ट्रिगर होने लगे, माइग्रेन के साथ ऑरा जैसे धुंधलापन, आंखों के सामने चमक, सिरदर्द के साथ चक्कर आना, बोलने में समस्या या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी लगे। तो बिना किसी देरी के आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।