By रितिका कमठान | Jan 12, 2023
बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने हिंदुओं के प्रमुख ग्रंथ रामचरित मानस को लेकर विवादिय बयान दिया है। नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के दौरान उन्होंने कहा कि रामचरितमास समाज को बांटने वाला ग्रंथ है। ये समाज में नफरत फैलाता है।
उन्होंने कहा कि एक युग में मनुस्मृति, दूसरे में रामचरितमानस और अन्य युग में गुरु गोवलकर की बंच ऑफ थॉट जैसी किताबों ने समय समय पर देश को नफरत के लिहाज से बांटने का काम किया है। उन्होंने कहा कि नफरत की बदौलत कोई देश महान नहीं बन सकता है। उन्होंने सवाल किया कि मनुस्मृति को जलाया क्यों गया क्योंकि उसमें किसी एक तबके का विरोध करते हुए उसे गालियां दी गई। ऐसा ही रामचरित मानस में हुआ। इन ग्रंथों में सदियों तक कुछ विशेष समुदाय को पीछे रखने का काम किया है।
विपक्ष ने साधा निशाना
बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर द्वारा दिए गए बयान के बाद अब भारतीय जनता पार्टी भी हमलावर हो गई है। इस मालमे पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीटर पर चंद्रशेखर के खिलाफ हमला बोला। उन्होंने ट्विट किया कि, "बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा कि रामचरितमानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है। कुछ दिन पहले जगदानंद सिंह ने राम जन्मभूमि को नफरत की जमीन बताया था।" ये किसी तरह का संयोग नहीं है। ये वोट बैंक का उद्योग है। हिंदुओं की आस्था पर चोट करना आम हो गया है। हिंदुओं की आस्था पर चोट करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?