भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1.9 लाख के पार, विभिन्न हिस्सों में ‘अनलॉक’ शुरू
By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2020
नयी दिल्ली। देश भर में रविवार को कोरोना संक्रमण के करीब 8400 नये मामले सामने आने के बाद भारत में कोविड-19 के मरीजों की संख्या एक लाख 90 हजार के पार पहुंच गई, हालांकि ठीक होने वाले भी बढ़े हैं और इनकी संख्या करीब 92,000 हो गई है। वहीं देश के कई शहरों में लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दी गई जिससे सड़कों पर यातायात फिर बढ़ गया और कई जगह जाम जैसे हालात भी बन गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज सुबह दिये गए अपडेट में कहा कि रविवार सुबह आठ बजे से 24 घंटे में 230 लोगों की महामारी से मौत हुई जो एकदिन में सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही देश में महामारी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 5,394 हो गई। इसके मुताबिक संक्रमण के 8392 नए मामलों के सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 1,90,535 पहुंच गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोरोना ट्रैकर के मुताबिक अमेरिका, ब्राजीन, रूस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली के बाद भारत इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित दुनिया का सातवां देश है। पिछले साल दिसंबर में पहली बार चीन में सामने आए इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में करीब 62 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि तीन लाख 72 हजार लोगों की इस महामारी से जान जा चुकी है। हालांकि इस बीमारी से अब तक 27 लाख के करीब लोग ठीक भी हो चुके हैं। अब कई देश अपने यहां अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और लोगों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिये लागू पाबंदियों में ढील देना शुरू कर चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोविड-19 के इलाजरत मामलों की संख्या 93,322 है जबकि 91,818 लोग इससे ठीक हो चुके हैं। ठीक होने वालों की दर 48.19 प्रतिशत है। वैश्विक आंकड़ों की बात करें तो 43 प्रतिशत लोग अब तक ठीक हो चुके हैं जबकि छह प्रतिशत लोगों की इसकी वजह से जान गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में कोविड-19 से ठीक होने की दर में सुधार हो रहा है और मृत्यु दर लगातार कम होकर 2.83 प्रतिशत पर पहुंच गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 से ठीक होने की दर 15 अप्रैल को 11.42 प्रतिशत से सुधर कर तीन मई को 26.59 प्रतिशत हुई और 18 मई को यह और सुधर कर 38.29 प्रतिशत हो गई। इसमें आगे कहा गया कि भारत में इस महामारी के कारण होने वाली मृत्युदर 2.83 प्रतिशत है जबिक इसकी वैश्विक दर 6.19 प्रतिशत है। भारत में कोविड-19 की मृत्युदर 15 अप्रैल को जहां 3.30 प्रतिशत थी वहीं तीन मई को यह गिरकर 3.25 प्रतिशत हुई जबकि 18 मई को इसमें और गिरावट आई और यह 3.15 प्रतिशत पर आ गई। मंत्रालय ने कहा, “देश में मृत्युदर के मामले में सतत गिरावट देखी जा सकती है। अपेक्षाकृत कम मृत्युदर की वजह लगातार निगरानी, समय पर मामलों की पहचान और मामलों के नैदानिक प्रबंधन पर ध्यान देना है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि दुनिया को विकास के “मानवता केंद्रित” पहलू पर अनिवार्य रूप से अपना ध्यान लगाना चाहिए। बेंगलुरु में राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह को वीडियो के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वैश्वीकरण पर चर्चा अब तक आर्थिक पहलू पर केंद्रित थी लेकिन अब किसी देश द्वारा स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में की जाने वाली प्रगति पहले से कहीं ज्यादा मायने रखती है। विभिन्न राज्यों में राजस्थान, पश्चिमबंगाल, असम, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश से ज्यादा मामले सामने आए हैं जबकि वायरस की रोकथाम के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और संक्रमण की चपेट में आने वालों के इलाज के लिये स्वास्थ्य क्षेत्र के आधारभूत ढांचों को बढ़ाया जा रहा है।
इसे भी पढ़ें: Unlock 1 के पहले दिन किसानों, MSME और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए बड़ी राहतों का ऐलान
इसे भी पढ़ें: गुजरात में कोरोना वायरस के 423 नए मरीज, 25 और लोगों की मौत
दिल्ली हवाई अड्डे पर, अधिकारियों ने पार्किंग क्षेत्र के प्रवेश बिंदु पर एक केन्द्र स्थापित किया है ताकि यात्रियों को लेने वहां आने वाली कैब को पूरी तरह से संक्रमण मुक्त किया जा सके। देश में घरेलू उड़ान सेवाएं तो चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन को लॉकडाउन से बाहर निकलने के तीसरे चरण में ही अनुमति दी जाएगी। हालांकि अभी तक इसके लिये कोई तारीख तय नहीं की गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को फिर से शुरू करने से पहले महानगरों में पाबंदियों और विभिन्न देशों द्वाराविदेशियों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध जैसे कई मसलों को हल करना होगा। नागर विमानन महानिदेशालय ने कहा कि उसने उड़ान कंपनियों से अलग से कहा है किवे कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर बीच की सीटों को जहां तक संभव हो, खाली रखें। अगर यात्रियों की अधिक संख्या के मद्देनजर किसी यात्री को बीच की सीट आवंटित की जाए तो उस सूरत में अतिरिक्त सुरक्षा सावधानियां बरती जाएं। इससे अलग, कई राज्यों ने भी 25 मार्च से प्रतिबंधित विभिन्न गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति दे दी है।
इसे भी पढ़ें: मोदी सरकार की उपलब्धियों के साथ कोरोना के प्रति जनजागरण में जुटें मोर्चा : विष्णुदत्त शर्मा
गुजरात में, कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित अहमदाबाद सहित विभिन्न हिस्सों में कई पाबंदियों में ढील दिये जाने के बाद काफी हद तक जनजीवन सामान्य हो गया है। कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में, केरल के 100 से अधिक डॉक्टर और नर्स मुंबई के कुछ अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों की मदद करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में 2,361 और लोगों के कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 70,013 हो गई है। इसके अलावा 76 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 2,362 पर पहुंच गई है। पश्चिम बंगाल में बीते 24 घंटे के दौरान आठ लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 253 तक पहुंच गई है, जबकि 271 से अधिक लोगों के संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,722 हो गई। कोलकाता में लॉकडाउन में ढील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर निकल आए, जबकि कई स्थानों पर ट्रैफ़िक जाम भी देखा गया। इसके अलावा कुछ धार्मिक स्थल भी खुले। पड़ोसी राज्य ओडिशा में सोमवार कोसंक्रमण के रिकॉर्ड 156 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 2,104 हो गई। तमिलनाडु में 11 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 184 हो गई है। संक्रमण के 1,162 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की तादाद 23,495 पहुंच गई है। केरल में संक्रमण के 57 नए मामले सामने आए हैं। वही आंध्र प्रदेश में 105 और लोग संक्रमित पाए गए हैं।