By अभिनय आकाश | May 12, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस इवेंट में ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम की बात की और कहा कि यह सच में एक बीमारी है और यह मेरे लिए एक सम्मान है। इसके बाद वाइट हाउस ने ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम' से पीड़ित लोगों के लिए इलाज की सूची शेयर की है। इसमें ट्रंप में भरोसा रखना, राष्ट्रगान सुनना और अन्य शामिल हैं। बात यहीं नहीं रुकी, इसके जवाब में एक डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) की तस्वीर शेयर की गई और लिखा गया कि इसे उसे भेजें जिसे इसकी जरूरत है। इस अनोखे पर्चे में बीमारी के इलाज के तौर पर ट्रंप पर भरोसा रखने, राष्ट्रगान सुनने, झूठी खबरों से बचने और न घबराने की सलाह दी गई थी। देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर छा गई और लोग मज़े लेते हुए इस 'प्रिस्क्रिप्शन' को अपने-अपने मज़ाकिया अंदाज़ में बदलकर शेयर करने लगे।
असल में यह कोई असली बीमारी नहीं है, बल्कि ट्रंप का समर्थन करने वाले मीडिया द्वारा गढ़ा गया एक शब्द है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि साल 2025 में मिनेसोटा के रिपब्लिकन नेताओं ने एक नया बिल लाकर इस 'सिंड्रोम' को सच में एक मानसिक बीमारी घोषित करने की कोशिश की थी, जिस पर काफी विवाद भी हुआ। इस बिल में टीडीएस (TDS) को परिभाषित करते हुए कहा गया था कि जब कोई सामान्य इंसान डोनाल्ड ट्रंप या उनकी नीतियों को देखकर अचानक बहुत ज्यादा घबराने लगे या शक (पैरानोइया) करने लगे, तो वह इसका शिकार है। इसके लक्षणों में ट्रंप के खिलाफ बहुत ज्यादा गुस्सा जताना, उन्हें बुरा-भला कहना और ट्रंप समर्थकों के खिलाफ आक्रामक व्यवहार करना शामिल बताया गया था।