By दिनेश शुक्ल | Nov 05, 2020
भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। प्रदेश की कोरोना रिकवरी रेट बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है, वहीं एक्टिव प्रकरणों की संख्या निरंतर घट रही है। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 7756 रह गई है जनवरी 2021 में कोरोना की वैक्सीन के मद्देनजर प्रदेश में कोल्ड चेन आदि की सभी तैयारियां कर ली जाएं। सबसे पहले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वेक्सीन लगाई जाएगी। गुरूवार को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री चौहान यह बात बताई। मुख्यमंत्री मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डी.जी.पी.विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाड़े उपस्थित थे।
प्रदेश में कोरोना के मरीजों में 53 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में हैं। यहां इनकी निरंतर मॉनीटरिंग 'कमांड एण्ड कंट्रोल' सेंटर्स के माध्यम से की जा रही है। अस्पतालों में 17 प्रतिशत मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य सुलेमान ने बताया कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन जनवरी 2021 में आने की संभावना है। सबसे पहले हैल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रदेश में हैल्थ वर्कर्स की संख्या लगभग 4 लाख है। जिलावार समीक्षा में पाया गया कि भोपाल में सर्वाधिक 180, इंदौर में 65, ग्वालियर में 57 तथा जबलपुर में 33 नए प्रकरण आए हैं। यद्यपि सभी जगह स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की स्थिति में सर्वाधिक सुधार है। बुरहानपुर में कोरोना के 07 तथा खंडवा में 25 एक्टिव मरीज हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कोरोना नियंत्रण के लिए जिलों के लिए नियुक्त वरिष्ठ प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों की निरंतर मॉनीटरिंग करते रहें एवं सक्रिय रहें। वैक्सीन की तैयारियां कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत से मरीज निजी अस्पतालों में भी कोरोना का इलाज करा रहे हैं। अत: यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज का अधिक शुल्क न वसूले। कोरोना इलाज के लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाए।