देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था लोगों के योगदान और संघर्ष का नतीजा: प्रणब

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 01, 2019

जयपुर। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था ना तो दुर्घनावश है और ना ही ब्रिटिश सरकार का तोहफा है। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ :राजस्थान शाखा: एवं लोकनीति :सीएसडीएस: की ओर से आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था लोगों के योगदान और संघर्ष का नतीजा है। उन्होंने कहा कि भले ही देश के लगभग आधे लोगों ने किसी भी पार्टी को मत नहीं दिया हो, लेकिन उन्हें भी साथ में लेकर चलना होगा।

उन्होंने भारत में संसदीय लोकतंत्र के विकास, उसके ऐतिहासिक पहलुओं और महत्व के बारे में विस्तार से बताया। संगोष्ठी को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ :राजस्थान शाखा: के अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, सचिव और विधायक संयम लोढ़ा ने भी संबोधित किया।संगोष्ठी में विधानसभा के सदस्यों के साथ-साथ पूर्व विधायकों ने भी भाग लिया।

प्रमुख खबरें

Rahul Gandhi के आरोपों के बीच बोले चिराग पासवान, चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब दें CEC ज्ञानेश कुमार

नेतन्याहू ने अपने भाषण से इस्लामिक देशों में ही करा दी फूट? 77 देशों का वॉकआउट, 4 प्रमुख मुस्लिम बहुल मुल्क अपनी सीट पर जमे रहे, Abraham Accords है वजह?

Mental Health सुधारने में मददगार है Color Therapy, तनाव और डिप्रेशन से दिलाती है राहत

The Vvaan Movie Review | सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फैंटेसी थ्रिलर बहुत सारे आइडियाज़ के बोझ तले दबी