By एकता | Mar 16, 2026
जब कोई जोड़ा नई-नई शादी करता है, तो अक्सर दोनों को एक-दूसरे पर खूब प्यार लुटाते देखा जाता है। इस दौर में छोटी-छोटी बातें भी खास लगती हैं और रिश्ते में उत्साह साफ दिखाई देता है। लेकिन ऐसे समय में आपने कई लोगों को यह कहते हुए भी सुना होगा, 'अभी तो शादी नई है, कुछ साल बाद सब सामान्य हो जाएगा।'
समाज की यह बात सुनने में भले ही थोड़ी कड़वी लगे, लेकिन कई रिश्तों में समय के साथ ऐसा बदलाव सच में देखने को मिलता है। धीरे-धीरे जिम्मेदारियां बढ़ती हैं, जीवन की रफ्तार बदलती है और रिश्ते की गर्माहट पहले जैसी नहीं रह पाती। कई बार ऐसा भी महसूस होने लगता है कि पुरुष अपने पार्टनर से पहले जितना जुड़ाव महसूस नहीं करते और दूरी बढ़ने लगती है।
लेकिन आखिर ऐसा क्यों होता है? ऐसी कौन-सी वजहें हैं जो समय के साथ रिश्ते की नजदीकी को कम कर देती हैं? रिलेशनशिप कोच अंजलि जी. कोठारी और गोरंग जे. कोठारी ने इसी विषय पर बात करते हुए उन कारणों को समझाया है, जिनकी वजह से शादी के कुछ साल बाद कई रिश्तों में बदलाव आने लगता है।
शादी के कुछ साल बाद अक्सर पुरुषों पर काम, घर के खर्च और परिवार की जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ जाता है। कई बार वे इन बातों को खुलकर बताते नहीं हैं और चुपचाप सब कुछ संभालते रहते हैं। धीरे-धीरे यह तनाव उनकी ऊर्जा और आत्मविश्वास को कम करने लगता है। ऐसे में भावनात्मक और रोमांटिक जुड़ाव सबसे पहले प्रभावित होने लगता है।
समय के साथ कई महिलाओं के कंधों पर घर, काम और बच्चों की देखभाल की बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है। जब मन हर समय काम, योजनाओं और जिम्मेदारियों के बारे में सोचता रहता है, तो उसके पास खुद के लिए या रिश्ते के लिए समय और मानसिक जगह कम बचती है। ऐसे माहौल में प्यार और रोमांस को पनपने का मौका मिलना मुश्किल हो जाता है।
रिश्तों में एक और बदलाव धीरे-धीरे और अनजाने में आता है। कभी-कभी प्यार और देखभाल एक तरह के लेन-देन में बदलने लगते हैं, 'मैंने तुम्हारे लिए यह किया' या 'तो अब तुम्हें मेरे लिए वह करना चाहिए'। जब रिश्ता इस सोच में बदल जाता है, तो दिल से जुड़ाव कम होने लगता है और भावनाओं की जगह हिसाब-किताब लेने लगता है।
कई बार रिश्तों में एक और दिलचस्प स्थिति बन जाती है। एक साथी पहल करना बंद कर देता है, क्योंकि वह चाहता है कि सामने वाला उसे फिर से खास महसूस कराए। वहीं दूसरा साथी भी यही सोचता है कि पहल सामने वाला करे। जब दोनों ही इंतजार करते रहते हैं, तो धीरे-धीरे दोनों को लगता है कि शायद उन्हें अब उतनी अहमियत नहीं दी जा रही।
समय के साथ एक ऐसा दौर भी आता है जब दोनों साथी अपने-अपने काम और जिम्मेदारियों से पूरी तरह थक चुके होते हैं। एक को लगता है कि वह लगातार देता ही जा रहा है, जबकि दूसरे को महसूस होता है कि सब कुछ संभालते-संभालते उसकी ताकत खत्म हो रही है। ऐसी थकान के बीच रिश्ते में नजदीकी और भावनात्मक जुड़ाव के लिए जगह ही नहीं बच पाती।