कोरोना महामारी के इतिहास को बदल सकती है नई पड़ताल, वायरस के प्रसार को लेकर चौंकाने वाली बात आई सामने

By अभिनय आकाश | Jan 29, 2022

कोरोना वायरल का जन्म कहां हुआ था इसको लेकर तमाम थ्योरियों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से तफ्तीश जारी है। ये तो सभी जानते हैं कि कोरोना चीन के वुहान शहर से निकलकर दुनिया के दूसरे देशों में संक्रमण फैलाया था। लेकिन एक नई खोज ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। शोध के मुताबिक यूरोप में संक्रमण का पहला मामला सामने आने से पहले ही कोविड-19 नॉर्वे में पहुंच गया था।अकर्सस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल (आहुस) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने हाल ही में यूरोप में पहले मामले का पता चलने से एक महीने पहले दिसंबर 2019 में कोविड -19 के खिलाफ एंटीबॉडी पाई थी।

इसे भी पढ़ें: Rajasthan Schools Open | कोरोना मामलो में कमी के बाद सरकार ने राजस्थान में 1 फरवरी से स्कूल खोलने के दिए आदेश

 अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पहले से जमा किए हुए खून के नमूनों में एंटीबॉडीज की खोज की थी। नमूने उस समय एक गर्भवती महिला से लिए गए थे और संक्रामक बीमारी के जांच के लिए जमा कर रखे गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्लेषण किए गए 6,520 नमूनों में से 98 में एंटीबॉडी का पता चला है। शोधकर्ताओं का कहना है कि भले ही कुछ मामलों में झूठे-पॉजिटिव परिणामों के नतीजे होने के बाद भी इस पड़ताल को गंभीरता से लेने की जरूरत है। अहुस के परियोजना प्रबंधक ऐनी एस्किल्ड को यह कहते हुए उद्धृत किया कि ऐसे कई संकेत हैं कि वे विदेश में संक्रमित थे। अहस के शोधकर्ताओं ने कहा कि हाल के निष्कर्ष बताते हैं कि संक्रमण दुनिया के बड़े हिस्से में जितना हमने सोचा था, उससे पहले से फैल गया था।

प्रमुख खबरें

UP में अब कालीन नहीं बिछाएगा ‘अब्दुल’, नेता बनेगा: AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi

ओडिशा के Koraput में दिखा Royal Bengal Tiger, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट

पूर्व सांसद Prem Singh Chandumajra ने शिअद पुनर सुरजीत से दिया इस्तीफा

Salman Khan के घर पर फायरिंग के आरोपी विक्की गुप्ता को शादी के लिए बेल नहीं, VC की मिली छूट