Pinarayi Vijayan पर ED कार्रवाई की मांग पर CPI नेता Binoy Viswam ने सीधी टिप्पणी से किया परहेज

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 12, 2026

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की केरलम इकाई के सचिव विनय विश्वम ने कथित भ्रष्टाचार मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता पिनराई विजयन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मांग पर शनिवार को कोई सीधी टिप्पणी नहीं की और कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) इस मामले का राजनीतिक रूप से विरोध करेगा। जब विश्वम से केरल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भेजे गए पत्र के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। ईडी ने डीजीपी को लिखे पत्र में विजयन और उनके परिवार के खिलाफ सीएमआरएल भुगतान मामले में मामला दर्ज करने की मांग की है।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी मामलों पर भाकपा का एक राजनीतिक रुख है। वामपंथी मूल्य हमारे लिए समझौता-योग्य नहीं हैं। अगर केंद्रीय एजेंसियां ​​राजनीति करती हैं तो एलडीएफ इसका राजनीतिक रूप से विरोध करेगा।’’ विश्वम ने कहा कि ईडी सहित केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका सभी को पता है और आरोप लगाया कि वे कभी-कभी राजनीतिक मकसद से काम करती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसा कोई कदम उठाया जाता है तो एलडीएफ उसका विरोध करेगा। यही भाकपा की नीति है।’’ विश्वम की यह टिप्पणी एलडीएफ संयोजक टी.पी. रामकृष्णन के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि भाकपा, विजयन के खिलाफ मामला दर्ज करने के ईडी के कदम पर अपना रुख स्पष्ट करेगी। विजयन अभी केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं।

ईडी ने हाल में डीजीपी रवाडा ए. चंद्रशेखर को पत्र लिखकर विजयन और उनके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। यह मांग धन शेधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान कथित तौर पर जुटाए गए ‘‘सबूतों’’ के आधार पर की गई थी। एजेंसी का आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने सूचना प्रौद्योगिकी परामर्श सेवाओं के नाम पर विजयन की बेटी वीणा टी. कीबंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया।

एलडीएफ में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रवर्तन निदेशालय की इस ताजा कार्रवाई पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट रुख नहीं बताया है। यह घटनाक्रम दोनों वामपंथी पार्टियों के बीच केरल विधानसभा में विपक्ष के उपनेता के पद को लेकर जारी मतभेदों के बीच हुआ है। भाकपा की मांग है कि उसके उम्मीदवार को विपक्ष का उपनेता बनाया जाए, लेकिन माकपा इस मांग को मानने के लिए अब तक तैयार नहीं है।

बाद में दिन में जब पत्रकारों ने विजयन से प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर भाकपा की लगातार चुप्पी के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि वह पार्टी के रुख पर टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं बता सकता कि उनका क्या रुख है। मैं यह नहीं बता सकता कि कोई दूसरी पार्टी क्या सोच रही है।

प्रवर्तन निदेशालय को लेकर हर किसी का एक रुख है। राष्ट्रीय राजनीति में प्रवर्तन निदेशालय क्या कर रहा है, यह सभी जानते हैं। संघ परिवार के साथ जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी सभी ने प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ अपनी राय व्यक्त की है।” विजयन ने कहा, “इसका सामना सिर्फ माकपा ने ही नहीं किया है, बल्कि भाजपा का विरोध करने वाली सभी राजनीतिक पार्टियों ने किया है।

इन सभी पार्टियों ने इसके खिलाफ एक साझा रुख अपनाया है। अगर कोई इसके विपरीत रुख अपनाता है, तो मुझसे यह पूछने का कोई मतलब नहीं है कि क्यों। आपको उनसे पूछना चाहिए।

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