By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 25, 2026
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केरलम इकाई के सचिव एम. वी. गोविंदन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्य में ‘‘मोदी-ईडी-वीडी गठजोड़’’ उनकी पार्टी को निशाना बना रहा है। ‘मोदी-ईडी-वीडी’ से उनका आशय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन से है। गोविंदन से दावा किया कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें आई हैं कि एसआईटी को प्रारंभिक जांच के बाद विजयन और उनके परिवार के खिलाफ जांच आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। गोविंदन ने कहा, ‘‘कोई सबूत नहीं है। जिस मामले में रत्ती भर भी सबूत नहीं है, उसमें विजयन को निशाना बनाकर केरलम में पार्टी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले भी केरलम में माकपा के खिलाफ वैचारिक लड़ाई की योजना बनाई थी।
गोविंदन ने कहा, ‘‘त्रिपुरा चुनाव के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगला निशाना केरलम की कम्युनिस्ट पार्टी है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा के खिलाफ ईडी को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। गोविंदन ने कहा, ‘‘ ‘मोदी, ईडी और वीडी’ का यह गठजोड़ माकपा पर हमला करने वाली मुख्य ताकत है। इसके खिलाफ केरलम में एक मजबूत जन आंदोलन खड़ा होगा।’’ गोविंदन ने केरलम की यूडीएफ सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
गोविंदन ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्वशासन मंत्री के. एम. शाजी द्वारा अपने एक मित्र के निजी वाहन को आधिकारिक कार के रूप में इस्तेमाल करना, मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन का कथित रूप से प्रायोजित विशेष विमान में यात्रा करना और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ द्वारा उनका बचाव किया जाना भ्रष्टाचार के स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केरलम ऐसी तानाशाही व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जहां मुख्यमंत्री का नाम लेना या आलोचना के लिए उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करना भी संभव नहीं है। गोविंदन ने कहा, ‘‘जिस तरह नरेन्द्र मोदी ने मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला किया है, उसी तरह केरलम में वी. डी. सतीशन भी वही कर रहे हैं।