15 साल का 'नया Tendulkar'? Sachin बोले- Vaibhav Suryavanshi की बैटिंग में है कुछ खास बात

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 31, 2026

 बल्लेबाजी के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘विशेष’ प्रतिभा करार दिया तथा कोच और मेंटोर (मार्गदर्शक) से भारतीय क्रिकेट में तेजी से आगे बढ़ रहे इस खिलाड़ी के नैसर्गिक खेल में हस्तक्षेप नहीं करने का आग्रह किया। सूर्यवंशी ने पिछले सत्र में आईपीएल में पदार्पण किया था और सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया था। इस सत्र में उन्होंने जसप्रीत बुमराह, कैगिसो रबाडा और पैट कमिंस सहित दुनिया के प्रमुख गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करके खुद को नए मुकाम पर पहुंचा दिया। तेंदुलकर ने क्रिकइन्फो ऑनर्स में कहा, ‘‘हर कोई सूर्यवंशी के बारे में बात कर रहा है। मैंने उन्हें बल्लेबाजी करते देखा और यह शानदार अनुभव था। मेरा मतलब है कि वह वाकई में कुछ खास हैं।

तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं है कि सूर्यवंशी में भविष्य में टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने की प्रतिभा है, लेकिन उन्होंने इसके साथ ही कहा कि इस किशोर खिलाड़ी से उनके करियर की शुरुआत में ही बहुत अधिक उम्मीद करना सही नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे यही कहूंगा कि वे बस खुद जैसे हैं वैसे ही बने रहें। हर चीज की शुरुआत होती है। टेस्ट क्रिकेट में उम्र के साथ-साथ वह विभिन्न चुनौतियों से निपटना सीखेंगे। यह समस्या का समाधान करने की मानसिकता से जुड़ा है।’’ तेंदुलकर ने कहा, ‘‘समस्याएं तो हमेशा बनी रहेंगी। आपके करियर की आखिरी दिन और आखिरी गेंद तक समस्याएं बनी रहेंगी।

गेंदबाज आपके सामने चुनौती पेश करता है और यह आप पर निर्भर है कि आप उससे कैसे निपटते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह एक ऐसा खिलाड़ी है जिसे देखकर लगता है कि वह उसमें आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा है। वह जानता है कि उसे क्या करना है और इसलिए मैं उसकी नैसर्गिक प्रवृत्ति के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहूंगा।’’ तेंदुलकर का मानना ​​है कि सहज दृष्टिकोण को बनाए रखना इस युवा खिलाड़ी के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से वह गेंद को देखता है और जिस तरह से वह उस पर प्रतिक्रिया करता है, अगर उसमें किसी तरह का व्यवधान डाला जाता है तो यह सबसे बड़ी चुनौती होगी। मैं उसे अपने नैसर्गिक अंदाज में खेलने की आजादी दूंगा। समय के साथ-साथ वह खेल की अन्य चुनौतियों से निपटना भी सीख जाएगा।’’

तेंदुलकर ने कहा, ‘‘केवल मैं ही नहीं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्तर पर (टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए) देखना चाहेगा। मुझे नहीं पता कि ऐसा कब होगा।’’ इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, ‘‘लेकिन किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को प्रोत्साहन की जरूरत होती है। अगर वह अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो हमें उसे प्रोत्साहित करना चाहिए। हमें उसके खेल का आनंद लेना चाहिए और उस पर का दबाव नहीं डालना चाहिए। यह (चयन करना) जिम्मेदारी उन लोगों (चयनकर्ताओं) पर छोड़ दें जिनका यह काम है।

प्रमुख खबरें

AI और Semiconductor पर India-US की बड़ी डील, Tech सेक्टर में आएगा अरबों का Investment

CM Suvendu Adhikari का बड़ा ऐलान, West Bengal Cabinet में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ

IPL 2026 Final: क्या RCB बचा पाएगी अपना ताज या Gujarat Titans बनेगी चैंपियन?

Singapore Open में Satwik-Chirag का धमाका, फाइनल जीतकर दो साल का खिताबी सूखा खत्म किया