By Ankit Jaiswal | Oct 14, 2026
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के बीच हुए विवाद पर उनके पूर्व साथी खिलाड़ी वेन रूनी ने नाराजगी जताई है। रूनी का मानना है कि रोनाल्डो ने जिस तरह टीम के शिविर को छोड़ा और बाद में अपने बयान के जरिए कोच पर सवाल उठाए, वह सही नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी के लिए अपने कोच, साथियों और फुटबॉल संघ को इस तरह चुनौती देना ठीक नहीं है।
रोनाल्डो ने अपने बयान में महान फुटबॉल खिलाड़ियों पेले और डिएगो माराडोना का भी जिक्र किया था। इस पूरे घटनाक्रम पर रूनी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि रोनाल्डो ने ऐसा क्यों किया। उनके मुताबिक, उसी दिन लियोनेल मेसी के अर्जेंटीना की ओर से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई लेने की खबरें भी सामने आई थीं। ऐसे समय में रोनाल्डो का पुर्तगाल के शिविर से इस तरह बाहर जाना और फिर बयान जारी करना गलत संदेश देता है।
रूनी ने कहा कि रोनाल्डो के व्यवहार से उनके कोच, साथी खिलाड़ियों और पुर्तगाल फुटबॉल संघ की छवि पर असर पड़ सकता है। उन्होंने एक फुटबॉल खिलाड़ी, साथी और कोच के नजरिए से इस पूरे मामले को निराशाजनक बताया। रूनी के अनुसार, हर खिलाड़ी के करियर में एक समय ऐसा आता है, जब उसे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई लेनी पड़ती है। रोनाल्डो के लिए इस बदलाव को स्वीकार करना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि विवाद उस समय बढ़ा, जब पुर्तगाल के एक नेशंस लीग मुकाबले में रोनाल्डो को नॉर्वे के खिलाफ शुरुआती टीम में जगह नहीं मिली और वह पूरे मैच में मैदान पर नहीं उतरे। इसके बाद उनके बयान में यह भी कहा गया कि जॉर्ज जीसस को संवाददाता सम्मेलन में कुछ खास बातें कहनी चाहिए थीं। रूनी को रोनाल्डो की यह बात सबसे ज्यादा गलत लगी।
उन्होंने कहा कि कोई खिलाड़ी अपने कोच को यह नहीं बता सकता कि उसे सार्वजनिक रूप से क्या कहना चाहिए। रूनी के मुताबिक, ऐसा करना उस सीमा को पार करने जैसा है, जिसकी उन्होंने पहले कभी कल्पना नहीं की थी।
बता दें कि वेन रूनी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 2004 से 2009 तक मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए साथ खेला था। उस समय टीम के कोच सर एलेक्स फर्ग्यूसन थे। दोनों खिलाड़ियों ने साथ मिलकर 3 प्रीमियर लीग खिताब और चैंपियंस लीग जीती थी। बाद में रोनाल्डो रियल मैड्रिड चले गए, जबकि रूनी ने कई साल बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड छोड़ा।
विवाद के बावजूद रोनाल्डो ने कहा है कि पुर्तगाल की टीम में बुलाए जाने पर वह देश के लिए खेलने को तैयार रहेंगे और राष्ट्रीय टीम के लिए उपलब्ध हैं।