By अभिनय आकाश | Dec 16, 2025
आज दुनिया बदल चुकी है और इसी बदलती हुई दुनिया में भारत अब सिर्फ सुनने वाला देश नहीं बल्कि दिशा तय करने वाला देश बन चुका है। आज जब भारत के प्रधानमंत्री किसी देश की धरती पर कदम रखते हैं तो वह सिर्फ एक नेता नहीं होते। वह होते हैं 150 करोड़ भारतीयों की ताकत सम्मान और भरोसे का प्रतीक और यही ताकत देखने को मिली है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जॉर्डन दौरे में जहां एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। दरअसल जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्लाह सेकंड खुद गाड़ी चलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जॉर्डन म्यूजियम तक ले गए। जी हां, कोई ड्राइवर नहीं, कोई शाही प्रोटोकॉल नहीं, कोई औपचारिक दिखावा नहीं।
लेकिन किसी ने यह सोचा नहीं था कि यह दौरा इतना प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक बन जाएगा। बता दें जॉर्डन पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया जॉर्डन बिजनेस फोरम को संबोधित किया। इस मंच पर दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपति, व्यवसायिक नेता और नीति निर्माता मौजूद थे। मकसद साफ था आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देना। इस दौरे में भारत और जॉर्डन के बीच कई अहम समझौते हुए। न्यू और रिन्यूएबल एनर्जी में तकनीकी सहयोग, वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट पर एमओयू, पेट्रो और एलोरा के बीच ट्विनिंग एग्रीमेंट, सांस्कृतिक आदानप्रदान कार्यक्रम 2025 से 2029 तक डिजिटल गवर्नेंस और जनसंख्या स्तर पर सफल डिजिटल समाधानों को साझा करने पर सहमति। यह समझौते बताते हैं कि रिश्ता सिर्फ कागजों पर नहीं सीमित है बल्कि जमीन पर उतर चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि जॉर्डन यात्रा के परिणाम भारत जॉर्डन संबंधों को एक नए आयाम तक ले जाएंगे। डिजिटल इनोवेशन से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी तक दोनों देशों की साझेदारी और गहरी हो रही है। जॉर्डन पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत हुआ।