Durga Puja और Dussehra पर DJ बजाने पर पूर्ण बैन, सभी जिलों में सुरक्षा के कड़े निर्देश

By प्रेस विज्ञप्ति | Oct 05, 2026

आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व-2026 के मद्देनजर राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए आज मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत एवं पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, महानिदेशक (अभियान एवं विशेष शाखा) श्री कुंदन कृष्णन तथा अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) श्रीमती के. सुहिता अनुपम भी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा एक बड़ा त्योहार है, इसलिए इसे पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को किसी भी सूरत में बख्शा या माफ नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का कड़ा निर्देश दिया.

पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा ने पुलिस की दृश्यता बढ़ाने पर जोर देते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करने और रणनीतिक व प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शांति समितियों की बैठकों में हर उम्र के लोगों को शामिल किया जाए. उन्होंने सभी स्तरों पर पुलिस कर्मियों की व्यापक ब्रीफिंग सुनिश्चित करने, जिला अग्निशमन अधिकारियों द्वारा बड़े पूजा पंडालों का अनिवार्य फायर ऑडिट कराने तथा सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेगी।

महानिदेशक (अभियान एवं विशेष शाखा) श्री कुंदन कृष्णन ने मूर्ति विसर्जन और विसर्जन जुलूसों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाए, शांति समितियों से लगातार संवाद हो और जिला नियंत्रण कक्षों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए. सभी अधिकारी व जवान अपने ड्यूटी स्थलों पर सजगता से मुस्तैद रहें।

मुख्य प्रशासनिक एवं सुरक्षा बिंदु:

1. शत-प्रतिशत लाइसेंसिंग एवं नियम: सभी पूजा पंडालों, मूर्तियों और विसर्जन जुलूसों के लिए शत-प्रतिशत लाइसेंस अनिवार्य होगा. जुलूसों में शामिल 10 से 25 जिम्मेदार लोगों से अंडरटेकिंग ली जाएगी और संपूर्ण मार्ग की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई जाएगी।
2. हथियारों एवं उत्तेजक नारों पर रोक: जुलूस या पंडालों में भड़काऊ/उत्तेजक गाने, आपत्तिजनक नारे और किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. ऐसी कोई भी झांकी या चित्र प्रदर्शित नहीं किया जाएगा जिससे किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे।
3. लाउडस्पीकर व ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण: माननीय पटना उच्च न्यायालय के आदेशानुसार डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अनुज्ञप्ति के साथ किया जा सकेगा, जो रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. सभी डीजे ऑपरेटरों और लाउडस्पीकर मालिकों का अनुमंडल कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसकी सूची स्थानीय थानों में उपलब्ध रहेगी।
4. भीड़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन: अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुगम आवागमन हेतु प्रवेश और निकास के अलग द्वारों की व्यवस्था होगी. आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा दल, एम्बुलेंस, QRT, SDRF, CCTV कैमरे और वॉच टावर की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी. रावण वध स्थलों और मूर्ति विसर्जन के चिन्हित घाटों पर गोताखोरों एवं बचाव दल की मुस्तैद तैनाती रहेगी।
5. सोशल मीडिया एवं सख्त कानूनी कार्रवाई: सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से धर्म, जाति या भाषा के आधार पर नफरत या अफवाह फैलाने वालों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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