By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 29, 2026
भारतीय तटरक्षक बल ने ओडिशा के गंजाम जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने का अभियान बृहस्पतिवार को शुरू किया। वहीं, ओडिशा सरकार ने चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित दो जिलों-गंजाम और गजपति में बचाव कार्यों के लिए विभिन्न आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की 79 टीम तैनात की हैं। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि गंजाम जिले के लगभग 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 70 गांव जलमग्न हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तीन टीम, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएफ) की 27 टीम और अग्निशमन सेवा की 24 टीम ने जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 11,882 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। गर्ग के मुताबिक, गजपति जिले में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से 711 गांव प्रभावित हुए हैं तथा वहां तैनात 25 बचाव दलों ने 17,441 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सरकार ने घोषणा की है कि इन दो जिलों में आंगनवाड़ी केंद्र और शिक्षण संस्थान 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि गंजाम जिले का सोरड़ा सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश के कारण रुशिकुल्या नदी उफान पर है, जिससे आसपास के कस्बों और गांवों में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, आस्का में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि दिगपहांडी और चिकिटी प्रखंडों में भी लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।
गर्ग ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में गंजाम और गजपति में इतनी बारिश हुई है, जितनी कभी-कभी इस क्षेत्र में पूरे साल में होती है। राज्य राहत आयुक्त के कार्यालय के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह तक गंजाम जिले के पात्रपुर में 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कंधमाल जिले के जी उदयगिरि में 462.4 मिलीमीटर, सनाखेमुंडी में 388 मिलीमीटर, रायिकिया में 384.8 मिलीमीटर और सोरड़ा में 375 मिलीमीटर वर्षा हुई। कार्यालय के अनुसार, गंजाम के चिकिटी में 309.2 मिलीमीटर और गजपति के मोहना में 307.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
गर्ग ने कहा, ‘‘नदियां उफान पर हैं, जिससे नौकाओं का संचालन मुश्किल हो रहा है। गंजाम में करीब 42,500 और गजपति में लगभग 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं।’’ ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कहा कि जलमग्न इलाकों में फंसे अधिकतर लोग सनाखेमुंडी और आस्का प्रखंडों के गांवों के हैं। राज्य के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि पुरुषोत्तमपुर में रुशिकुल्या नदी का जलस्तर 19 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 16.8 मीटर है।
उन्होंने जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका जताई। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में भूस्खलन की घटनाए भी सामने आई हैं। मुख्य सचिव ने बताया कि पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश के कारण एक रेलवे पुल पानी में डूब गया, जिससे दोनों ओर ट्रेन की आवाजाही रुक गई।
उन्होंने बताया कि अधिकारी वहां फंसे यात्रियों को सड़क मार्ग से निकालने की योजना बना रहे हैं और ऐसा संभव नहीं होने पर यात्रियों को आसपास के रेलवे स्टेशन पर ठहराकर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गजपति जिले के मोहना प्रखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-326 का करीब 300 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे गंजाम जिले से संपर्क टूट गया है। एक अधिकारी ने बताया कि बारिश और जलभराव को देखते हुए गजपति जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चक्रवात के प्रभाव, प्रभावित जिलों की स्थिति और राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी है। माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि शाह ने ओडिशा को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग प्रभावित परिवारों की मदद करने और राहत, पुनर्वास एवं बहाली कार्यों में तेजी लाने के प्रयासों को मजबूत करेगा।