By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026
ओंगोल (आंध्र प्रदेश), पांच नवंबर चक्रवात मुरासु के दौरान हाल ही में आंध्र प्रदेश के तट के पास समुद्र में नाव पलटने से लापता हुए तमिलनाडु के चार मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। प्रकाशम जिले के कलेक्टर पी. राजा बाबू ने बताया कि मछुआरे 29 अक्टूबर को चेन्नई से समुद्र में गए थे।
बाबू ने पीटीआई-भाषा को बताया, चक्रवात मुरासु के दौरान आंध्र प्रदेश के तट के पास नाव पलटने से लापता हुए तमिलनाडु के चार मछुआरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुल नौ मछुआरे लापता हुए थे और बाकी पांच की तलाश जारी है। अब तक बरामद चार शवों में से तीन कोथापट्टनम के तट पर बहकर आए, जबकि एक शव तलाश अभियान के दौरान मिला।
चारों शवों को स्थानीय सरकारी सामान्य अस्पताल (जीजीएच) के शवगृह में ले जाया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि उन्होंने तमिलनाडु के अधिकारियों से बात की है, जो आंध्र प्रदेश आ रहे हैं। पलटी हुई नाव को भी तट पर लाने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बाकी पांच मछुआरों का पता लगाने के लिए तलाश अभियान जारी रहेगा। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चारों शव तमिलनाडु के अधिकारियों को सौंप दिए जाएंगे। कलेक्टर के अनुसार, तमिलनाडु के अधिकारियों ने दो नवंबर को पुष्टि की थी कि सभी मछुआरे और उनकी नौकाएं संबंधित बंदरगाहों पर सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि तीन नवंबर को निजामपट्टनम में खड़ी नाव पर सवार नौ मछुआरे आंध्र प्रदेश या तमिलनाडु के अधिकारियों को सूचित किए बिना अपने साथियों से मिलने रामयपट्टनम की ओर रवाना हो गए। बाबू ने कहा कि रामयपट्टनम जाते समय तेज हवाओं के बीच नाव भीषण चक्रवात की चपेट में आ गई और बाद में पलट गई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद तटरक्षक बल को सतर्क किया गया और बचाव अभियान शुरू करने का अनुरोध किया गया।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने नौ मछुआरों की पहचान कर ली है और उनके नाम तथा तस्वीरें साझा की हैं। भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार तड़के नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया था, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था।