Cyclone Murasu से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 2 की मौत और 52 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 04, 2026

(फोटो के साथ) अमरावती, तीन नवंबर आंध्र प्रदेश में मंगलवार को भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु के चलते कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, 52000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें नष्ट हो गईं और 300 से ज्यादा घर तथा बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक हफ्ते के भीतर राज्य के तट से टकराने वाला यह दूसरा चक्रवात था।

हजारों पेड़ उखड़ गए और बिजली के कुल 2,750 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण बिजली पारेषण लाइनें, उपविद्युत केंद्र और वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रकाशम और बापटला जिलों में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है तथा 12,230 लोग अब भी चक्रवात आश्रय स्थलों में ठहरे हुए हैं। जैन ने बताया कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार, चक्रवात से दक्षिणी राज्य को कम से कम 344 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 52,459 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। जैन ने कहा कि चक्रवात से 312 घर प्रभावित हुए हैं।

सरकार 814 छोटे सिंचाई टैंकों पर नजर रख रही है और उनमें से 776 के सिलसिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रकाशम जिले में कुछ मछली पकड़ने वाली नावें क्षतिग्रस्त हो गईं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन फंस गए।

भारी बारिश तथा तेज हवाओं के कारण दृश्यता बहुत कम हो जाने से वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में भारी परेशानी हुई। खराब मौसम के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई, जिससे कई जगहों पर यात्री फंस गए। 35 से अधिक ट्रेन रद्द कर दी गईं, 14 ट्रेन का मार्ग बदल दिया गया, आठ ट्रेन का समय फिर से निर्धारित किया गया, और कई उड़ानें भी रद्द कर दी गईं।

दमकल विभाग ने उखड़े हुए पेड़ों को हटाने और बाढ़ का पानी निकालने के लिए 185 दल तैनात किये हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 11 और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 13 दल राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। इस चक्रवात का असर 15 जिलों में फैले 132 मंडलों पर पड़ा है।

राज्य सरकार ने 171 राहत शिविरों का इंतजाम किया है और 14,810 भोजन के पैकेट बांटे हैं। एहतियात के तौर पर 3,066 गर्भवती महिलाओं और 1,008 स्तनपान कराने वाली माताओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया है। सरकार ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।

सरकार ने यह भी बताया कि 13 जिलों में 725 मेडिकल दल भेजे गये हैं और 362 एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है। सोमवार सुबह 8.30 बजे से मंगलवार सुबह 8.30 बजे के बीच बापटला में 22 सेंटीमीटर (सेमी) की बहुत अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नरसापुर (20 सेमी), करमचेडु (16 सेमी), अड्डंकी (15 सेमी) और भीमवरम (13 सेमी) में भी काफी भारी बारिश हुई।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तूफान से निपटने में ‘तत्काल मदद और एकजुटता’ दिखाने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। नायडू ने कहा कि बचाव और राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए राज्य प्रशासन, केंद्रीय दलों के साथ मिलकर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने तूफान के असर से निपटने में समय पर मदद देने के लिए कर्नाटक के अपने समकक्ष डी.के. शिवकुमार और पड़ोसी राज्य के लोगों को भी धन्यवाद दिया।

भीषण चक्रवाती तूफान के तीन नवंबर की आधी रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार को तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।

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