By अभिनय आकाश | Jan 24, 2026
अमेरिका और कनाडा के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिका के रहम पर जिंदा नहीं है। कनाडा इसलिए फलता-फूलता है, क्योंकि हम कनाडाई हैं। कार्नी का यह बयान दावोस में वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम में ट्रंप के उस भड़काऊ बयान पर पलटवार माना जा रहा है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि कनाडा का अस्तित्व अमेरिका की वजह से है। क्यूबेक सिटी में नए संसदीय सत्र से पहले राष्ट्र को संबोधित करते हुए कार्नी ने यह बयान दिया। हालांकि उन्होंने दोनों देशों के बीच असाधारण साझेदारी को भी स्वीकार किया। कार्नी के बयान के कुछ ही देर बाद ट्रंप ने अपने दुथ सोशल प्लैटफॉर्म पर प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा को 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का निमंत्रण वापस लेने की घोषणा की।
वैश्विक व्यवस्था में दरारों पर खुलकर की थी बात दावोस में अपने भाषण में कार्नी ने अमेरिका के नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था में आ रही दरारों की खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि अब दुनिया एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है और केवल अमेरिका के साथ तालमेल बैठाने से देशों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। इस भाषण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली थी। ट्रंप ने इस पर नाराजगी जताते हुए अगले दिन अपने भाषण में कार्नी पर तंज कसा और कहा, 'मैंने आपके प्रधानमंत्री को देखा, वह ज्यादा आभारी नहीं लगे। कनाडा अमेरिका की वजह से ही है।
ट्रंप ने जवाब दिया कनाडा इसलिए जिंदा है क्योंकि अमेरिका उसके बगल में है। हमारे एहसान को मत भूलो। उसके तुरंत बाद आया वो सुप्रीम झटका। ट्रंप ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना बोर्ड ऑफ पीस जो गाजा शांति और दुनिया के बड़े मुद्दों के लिए बनाई गई है। इससे कनाडा का न्योता वापस ले लिया। ट्रंप ने कार्नी को एक चिट्ठी लिखी जिसमें साफ था कि अगर आप अमेरिका का सम्मान नहीं कर सकते तो इस सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड में आपकी कोई जगह नहीं है।