Trump ने अचानक PM मोदी का नाम लेकर किया बड़ा धमाका, सब हैरान!

ईयू के बाद अब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी सनक को छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास आए हैं। बता दें कि टैरिफ की धोंस दिखाने वाले ट्रंप अचानक नरेंद्र मोदी की शान में कसीदे पड़ना शुरू कर चुके हैं।
अचानक वैश्विक मंच पर ऐसा क्या हो गया कि एक नहीं बल्कि दो देशों के प्रमुखों को पीएम मोदी का नाम लेना पड़ा और भारत के प्रधानमंत्री को अपना सहारा मानना पड़ा। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि जहां पूरी दुनिया में इस वक्त उथल-पुथल मची हुई है। युद्ध जैसे हालात हैं, अर्थव्यवस्था लेकर डील हो या फिर तनाव सब कोई भारी मार झेल रहे हैं। मगर भारत का डंका कायम और बुलंद है। यही वजह है कि ईयू के बाद अब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी सनक को छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास आए हैं। बता दें कि टैरिफ की धोंस दिखाने वाले ट्रंप अचानक नरेंद्र मोदी की शान में कसीदे पड़ना शुरू कर चुके हैं।
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स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कहकर पूरी दुनिया को चौंका दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मेरे मन में बहुत ज्यादा आदर है। वो शानदार व्यक्ति हैं और मेरे दोस्त हैं। हम अच्छी ट्रेड डील करने जा रहे हैं। यह वही ट्रंप है।
आपको बता दें कि जिन्होंने झुंझलाहट में आकर भारत की इकॉनमी को डेड इकॉनमी कह दिया था और सबसे पहले 50% टेरिफ भारत पर ही लगाया रूस से तेल खरीदने पर और अब यही ट्रंप भारत के पीएम की तारीफ कर रहे हैं और भारत से जल्द ही यूएस डील कर सकता है इसका एक कंफर्मेशन भी दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह हृदय परिवर्तन यूं ही नहीं हुआ है। इसके पीछे सबसे पहला कारण यह है कि अमेरिका को यह पता है कि अगले हफ्ते भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुफ्त व्यापार संधि यानी कि एफटीए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा होने जा रही है।
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इसे मदर ऑफ ऑल डील भी यूं ही नहीं कहा जा रहा। दुनिया के करीब 2 अरब आबादी और 25% जीडीपी इस संधि के दायरे में आने वाले हैं।
अमेरिका को मालूम है कि यूरोपियन यूनियन अगर आज भारत की ओर देख रहा है तो इसकी तेजी से बढ़ती इकॉनमी जो चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है। कहीं ना कहीं इस संधि का दबाव ही है जो बड़बोले ट्रंप को सुर बदलने को मजबूर कर रहा है। दूसरा ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही उन्होंने जिस तरह से हकलेपन का परिचय दिया है, उससे पीएम मोदी ने सबसे पहले महसूस किया। उसी के हिसाब से भारत की रणनीतिक तैयारी शुरू की गई।
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