By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 14, 2021
पणजी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के छतरपुर इलाके में एक गिरजाघर गिराए जाने से जुड़े मामले में न्याय का आश्वासन देते हुए बुधवार को कहा कि यह कार्रवाई केन्द्र सरकार के अधीन आने वाले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने की है। दक्षिणी दिल्ली जिला प्रशासन ने भूमि का ‘‘अतिक्रमण’’ कर उस पर बनाए गए गिरजाघर को 12 जुलाई को छतरपुर में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान गिरा दिया था। गिरजाघर के सदस्यों ने कार्रवाई को ‘‘अवैध’’ करार देते हुए दावा किया है कि परिसर खाली करने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया।
केजरीवाल ने कहा कि वह दिल्ली वापस जाकर मामले की जानकारी हासिल करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आपको बस इतना आश्वासन दे सकता हूं कि न्याय होगा और जो भी सही है उसकी जीत होगी।’’ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केजरीवाल के बयान की आलोचना की और झूठ बोलने का आरोप लगाया। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने गोवा में संवाददाताओं से कहा कि गिरजाघर गिराए जाने के पीछे आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों का हाथ है। उन्होंने कहा कि गिरजाघर प्रबंधन को नोटिस दिए बिना उसे गिरा दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा और ‘आप’ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं क्योंकि दोनों “अपने राजनीतिक फायदे के लिए नफरत फैलाते हैं और सामुदायिक विभाजन को प्रोत्साहन देते हैं।” मोहम्मद ने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली में गिरजाघर गिराए जाने के मुद्दे पर गोवा के लोगों से झूठ बोला है।” उन्होंने कहा कि डीडीए में आम आदमी पार्टी के दो विधायक, भाजपा का एक विधायक और भाजपा के तीन पार्षद सदस्य हैं।
मोहम्मद ने डीडीए की कार्रवाई को पूरी तरह से अवैध तथा संवेदनहीन बताते हुए कहा, “ध्वंस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल को बताना चाहिए कि उनके दो विधायक दिलीप पांडेय और सोमनाथ भारती इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के विधायक ओ पी शर्मा (डीडीए के सदस्य) भी इस अवैध कार्रवाई पर मूक दर्शक बने रहे।