Tejas Mk-1A Delay | तेजस विमानों की आपूर्ति में देरी पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh सख्त, HAL और वायुसेना को बैठक कर समाधान निकालने के निर्देश

By रेनू तिवारी | Jun 09, 2026

भारतीय वायुसेना (IAF) की युद्धक क्षमता को मजबूत करने वाली सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक—'तेजस मार्क 1ए' लड़ाकू विमान—की आपूर्ति में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा की जा रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। रक्षा मंत्री ने सरकारी एयरोस्पेस कंपनी HAL द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही सभी प्रमुख परियोजनाओं के प्रदर्शन की व्यापक और गहन समीक्षा की।

विमानों की आपूर्ति में इसलिए भी देरी हुई है क्योंकि भारतीय वायुसेना ने कहा है कि निर्मित विमान कुछ तकनीकी मानकों को पूरा नहीं करते। विमानों की आपूर्ति में देरी का एक प्रमुख कारण यह भी रहा कि जीई एयरोस्पेस ने इन विमानों को शक्ति देने वाले इंजनों की आपूर्ति समयसीमा में नहीं की। अमेरिका की रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अब तक छह इंजन आपूर्ति कर चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि एचएएल कम से कम 18 तेजस मार्क 1ए विमानों का उत्पादन पूरा कर चुका है और यदि एयरोस्पेस कंपनी को आवश्यक इंजन मिल जाते हैं, तो इन सभी विमानों की आपूर्ति इस वर्ष भारतीय वायुसेना को किए जाने की उम्मीद है।

देरी के दो मुख्य कारण: तकनीकी मानक और अमेरिकी इंजन

मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, तेजस मार्क 1ए (Tejas Mk-1A) की डिलीवरी में देरी के पीछे दो सबसे बड़े कारण सामने आए हैं:

तकनीकी मानक (Technical Standards): भारतीय वायुसेना का कहना है कि वर्तमान में निर्मित विमान कुछ तय तकनीकी मानकों और आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें बेड़े में शामिल करने में समय लग रहा है। इस पर रक्षा मंत्री ने सुझाव दिया कि HAL और वायुसेना के अधिकारी एक साथ बैठकर इन लंबित मुद्दों का तुरंत समाधान निकालें।

इंजनों की आपूर्ति में देरी: विमानों की डिलीवरी लटकने का एक और बड़ा कारण अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस (GE Aerospace) द्वारा समय पर इंजनों की आपूर्ति न करना है।

वर्तमान स्थिति: 18 विमान तैयार, इंजनों का इंतजार

इस चुनौती के बावजूद उत्पादन के मोर्चे पर एक सकारात्मक खबर भी है। अधिकारियों ने बताया कि:

HAL ने कम से कम 18 तेजस मार्क 1ए विमानों का उत्पादन पूरा कर लिया है।

अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने अब तक केवल 6 इंजन ही डिलीवर किए हैं।

यदि एयरोस्पेस कंपनी (HAL) को अमेरिकी कंपनी से आवश्यक इंजनों की खेप समय पर मिल जाती है, तो ये सभी 18 तैयार विमान इसी वर्ष भारतीय वायुसेना को सौंप दिए जाएंगे।

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