By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अगस्त दिल्ली पुलिस ने बच्चा गोद दिलाने के बहाने लोगों से ठगी करने वाले एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है और उत्तर प्रदेश के बरेली से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि ये गिरफ्तारियां दिल्ली में बुराड़ी की रहने वाली 30 वर्षीय महिला की शिकायत के बाद की गईं, जिससे बच्चा गोद दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 1.37 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
इससे महिला को संदेह हुआ। अधिकारी ने कहा, इसके बाद महिला ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उत्तरी जिले के साइबर थाने में एक ई-प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के विवरण, आईपी लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईएमईआई डेटा और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया।
पुलिस ने विभिन्न ऑनलाइन मंचों से डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की और लगभग 100 मोबाइल नंबरों की निगरानी की और बरेली में संदिग्धों का पता लगाया। पुलिस अधिकारी ने बताया, तकनीकी निगरानी के बाद 31 जुलाई को समन्वित छापे मारे गए, जिस दौरान सचिन (46) और उसके कथित सहयोगी राकेश (52) को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान सचिन ने खुलासा किया कि पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट कुमार जाली एनजीओ रसीदें, फर्जी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और अन्य फर्जी चिकित्सा दस्तावेज मुहैया कराता था, जिनका इस्तेमाल पीड़ितों को यह विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था कि बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया असली है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और अस्पतालों व डॉक्टरों की 14 मोहरें बरामद की गईं। अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों और इस गिरोह से जुड़े अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामलों की पहचान करने के लिए जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन विज्ञापन देकर दावा करते थे कि वे बच्चों को कानूनी रूप से गोद दिलाने की व्यवस्था कर सकते हैं।
इसके बाद वे विभिन्न फर्जी मदों के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे। भुगतान मिलते ही वे कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन बंद कर गायब हो जाते थे।