By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 19, 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस बार विजयादशमी का त्योहार सिर्फ परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि समकालीन मुद्दों पर कड़ा संदेश देने वाला है। दिल्ली की रामलीलाओं ने इस बार रावण दहन को एक बिल्कुल नया और आधुनिक मोड़ दिया है, जहां बुराई के प्रतीक पारंपरिक पुतलों के साथ-साथ वायु प्रदूषण, दवाओं की कालाबाजारी और गंदगी जैसे गंभीर संकटों पर भी प्रहार किया जाएगा। ऐतिहासिक लव कुश रामलीला में इस बार ‘रावण दहन’ एक बेहद नाटकीय और अनूठे अंदाज में होगा।
इस विशाल राक्षस राजा के पुतले की भव्यता बढ़ाने के लिए इसमें 11 अलग-अलग रंगों की 11 मालाएं पहनाई गई हैं। इसके साथ ही 100 फीट का कुंभकरण और 90 फुट का मेघनाद भी मैदान में डटे होंगे। इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के शामिल होने की उम्मीद है।
द्वारका श्री रामलीला ने परंपरा और प्रौद्योगिकी का अनूठा संगम पेश किया है। यहां 90 फुट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले तो आकर्षण का केंद्र हैं ही, साथ ही इस आयोजन को पूरी तरह डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल बना दिया गया है। द्वारका श्री रामलीला की कोर-कमेटी के सदस्य एवं मीडिया प्रमुख भारत भूषण मालवीय ने कहा, ‘‘इस साल मंचन का सोशल मीडिया मंचों पर सीधा प्रसारण किया गया और आगंतुकों के लिए पहली बार एक ऐप एवं डिजिटल टिकटिंग की शुरुआत की गई है।’’ यही नहीं, आतिशबाजी के लिए ‘हरित पटाखे’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस ऐतिहासिक विजयादशमी समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला समिति ने इस बार एक बेहद अनूठा तरीका निकाला है। यहां रावण, कुंभकरण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचे एक विशाल ‘कॉकरोच’ का पुतला भी जलाया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष अशोक गोयल ने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक मकसद से नहीं, बल्कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और स्वच्छता का संदेश देने के लिए है, क्योंकि कॉकरोच गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक है। समिति इससे पहले आतंकवाद और नक्सलवाद के पुतले भी जला चुकी है। पश्चिम विहार की इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति ने समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करने की अपनी परंपरा को इस बार भी कायम रखा है।
यहां रावण, कुंभकरण और मेघनाद के अलावा एक चौथे पुतले का दहन किया जाएगा, जिसका नाम ‘आज का रावण’ रखा गया है। समिति के अध्यक्ष संदीप बिंदु ने बताया कि यह पुतला जेनेरिक दवाओं की कीमतों में हो रही भारी हेरफेर और नकली दवाओं के काले कारोबार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज दवाइयों के दाम इतने आसमान छू रहे हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं, ऊपर से नकली दवाओं का जोखिम जानलेवा साबित हो रहा है।
मंगलवार को होने वाले इन भव्य आयोजनों में देश के कई सियासी दिग्गजों और नामी हस्तियों के जुटने की संभावना है, जो इस बार दिल्लीवासियों के लिए एक अनोखे और संदेशपरक दशहरे का गवाह बनने का अवसर लेकर आएगा।