By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 27, 2026
दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के लिए शहर भर में 1,400 से अधिक घाटों, प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी, भीड़भाड़ वाले घाटों के पास दमकल की गाड़ियों और महिलाओं के लिए ‘चेंजिंग रूम’ , शौचालय, व पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की योजना बनाई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। छठ पूजा का त्योहार 13 से 16 नवंबर तक चलेगा, जिसमें 16 नवंबर को दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
पानी भरने व तंबू लगाने सहित शेष कार्य इसके बाद पूरा किया जाएगा। दिल्ली सरकार भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय से बयान के मुताबिक, इस वर्ष छठ पूजा पर विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय से सूर घाट या किसी अन्य उपयुक्त और बेहतर तैयार घाट पर आयोजन की संभावना तलाशने के निर्देश दिए गए।
बयान में कहा गया है कि अधिकारियों को इस वर्ष 1,400 से अधिक घाट विकसित करने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष 1,326 थे। व्यवस्थाओं में पर्याप्त शौचालय और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, पर्याप्त कूड़ेदान और 15 तथा 16 नवंबर को भीड़ के दौरान चौबीसों घंटे स्वच्छता व्यवस्था शामिल है। इसके मुताबिक, घाटों की ओर जाने वाली सड़कों की मरम्मत की जाएगी, मलबे को हटाया जाएगा और गड्ढों को भरा जाएगा तथा नियमित पानी के छिड़काव के माध्यम से उन्हें धूल मुक्त रखा जाएगा।
अधिकारियों को मार्गों पर उचित रोशनी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, और यातायात पुलिस पार्किंग, मार्ग परिवर्तन और सड़कों को बंद करने के संबंध में आयोजकों के साथ समन्वय करेगी। बयान में कहा गया है कि बड़े, भीड़भाड़ वाले घाटों के पास दमकल की गाड़ियां तैनात की जाएंगी, जबकि दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियां सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया का समन्वय करेंगी। इसमें कहा गया है कि मॉडल घाटों पर एलईडी स्क्रीन छठ से संबंधित सामग्री और दिल्ली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदर्शित करेंगी।
बैठक में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती हुई भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय के साथ समन्वय पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बसों से यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा को भी समान रूप से ध्यान में रखा जाए। आईएसबीटी पर आवश्यक सूचना, बैनर और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर नागरिक रक्षा के कर्मियों की मदद ली जाए।