By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 24, 2018
नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक पूर्व कांग्रेस पार्षद की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की पीठ ने कहा कि दोषी बलवान खोखर को यहां तिहाड़ जेल में अच्छे से अच्छा उपचार मिल रहा है।
अदालत का आदेश अंतरिम जमानत की खोखर की याचिका पर आया। याचिका में आधार बताया गया कि वह अपनी नाक की एक हड्डी में हेयरलाइन फ्रेक्चर के लिए सर गंगाराम अस्पताल में इलाज कराना चाहते हैं।
खोखर के वकील ने दावा किया था कि उनके मुवक्किल 17 दिसंबर 2017 को जेल में गिर गये थे और उन्हें चोट आई थी। खोखर को एक नवंबर, 1984 को दिल्ली छावनी के राजनगर इलाके में एक परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के संबंध में एक मामले में नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल और दो अन्य के साथ दोषी ठहराया गया था।