अगस्ता मामले के आरोपी मिशेल की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 06, 2020

दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो एवं प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज अतिविशिष्ट अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले के मामले में गिरफ्तार किये गये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। हेलीकाप्टर घोटाले में गिरफ्तार कथित बिचौलिये ने तिहाड़ जेल में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे का हवाला देते हुए जमानत की अर्जी दायर की थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करने वाली न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने मिशेल तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो एवं प्रवर्तन निदेशालय के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनी। दोनों जांच एजेंसियों ने मिशेल की अंतरिम जमानत अर्जी का विरोध किया।

मिशेल ने दावा किया है कि उसकी सेहत ठीक नहीं है और इस हालत में वह जेल में रहने की स्थिति में नहीं है। खासकर ऐसे समय में जब उसे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा है जिसका उसके स्वास्थ्य पर घातक असर हो सकता है क्योंकि वह पहले से ही गंभीर बीमारी से ग्रसित है। मिशेल ने अपने अधिवक्ताओं विष्णु शंकर एवं एके जोसेफ की ओर से दायर याचिका में कहा है कि उसकी उम्र और पहले से उसे जो बीमारियां हैं उन्हें देखते हुए उसे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा है।

इसे भी पढ़ें: मजाक उड़ाने वाले देखें मेरा नारा 'गो कोरोना गो' दुनिया में हिट हो गया हैः आठवले

याचिका में कहा गया है कि इसके अलावा, जेल में मौजूद कोविड—19 के संक्रमित मरीजों से याचिकाकर्ता को खतरा हो सकता है। पिछले हफ्ते शीर्ष न्यायालय ने मिशेल से कहा था कि वह जमानत के लिए पहले उच्च न्यायालय जाये। याचिका में प्रधानमंत्री के भाषण का भी हवाला दिया गया है जिसमें कोरोना वायरस से बचने के लिए 24 मार्च को 21 दिन के लाकडाउन का भी जिक्र है। गौरतलब है कि मिशेल की नियमित जमानत याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है जहां दोनों जांच एजेंसियों ने कहा कि आरोपी को राहत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उसका प्रभावशाली लोगों से संबंध है और वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। मिशेल को दुबई से प्रत्यर्पित कर 2018 में यहां लाया गया था और प्रवर्तन निदेशालय ने 22 दिसंबर 2018 को उसे गिरफ्तार किया था। वह पांच जनवरी 2019 से न्यायिक हिरासत में है।

प्रमुख खबरें

West Bengal Voter List से नाम हटाने पर Supreme Court सख्त, ECI से मांगा SIR Tribunals का डिस्पोजल डेटा

FCRA संशोधन बिल JPC को भेजेगी सरकार? विपक्ष के विरोध के बीच बड़ा संकेत

Nano EV फिर से बनेगी India की शान! एक बयान और अटकलों का दौर

Pakistan Crisis: इमरान खान को रिहा करो वरना भुगतने होंगे नतीजे, PTI की बड़ी चेतावनी, होगा देशव्यापी आंदोलन