By रेनू तिवारी | Sep 26, 2026
ओडिशा में एक बार फिर कुदरत का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले गहरे दबाव (Deep Depression) के कारण शुक्रवार को ओडिशा के कई हिस्सों में प्रलयंकारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, राज्य भर में कम से कम 63 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक की मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है।
नबरंगपुर जिले का तेंतुलीखुंटी 395 मिलीमीटर बारिश के साथ सबसे अधिक प्रभावित रहा। इसके बाद नंदाहांडी में 344 मिलीमीटर और कोरापुट जिले के बोरीगुमा में 307.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। एक अधिकारी ने बताया कि इस आपदा से दक्षिणी ओडिशा के छह जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और भुवनेश्वर समेत पश्चिमी तथा तटीय क्षेत्रों में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि बालासोर जिले में जलाका और बुढ़ाबलंगा नदियों तथा जाजपुर जिले में बैतरणी और कानी नदियों का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। मानसून के मौसम की शुरुआत से ही राज्य में पहले ही दो बार बाढ़ आ चुकी है। कंधमाल जिले में कलिंग घाट पर भूस्खलन के कारण करीब 200 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार ढह गई।
खल्लिकोट के बड़ा घाटी में चट्टानें राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर गिरने से यातायात बाधित हो गया। गजपति जिले के मोहना के कई घाटों और मलकानगिरी के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं। रायगड़ा में कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जबकि रेलवे पटरियों पर भूस्खलन के कारण रायगड़ा मंडल में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार को प्रभावित क्षेत्रों से सड़क संपर्क बाधित होने की भी सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुर शहर के कई हिस्से अभी भी जलमग्न हैं।
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