By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 16, 2022
नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को सूचित किये बगैर 16 वर्षीय एक किशोरी का गर्भपात कराने के लिए मांगी गयी अनुमति पर शुक्रवार को केंद्र एवं दिल्ली सरकार से उनका रूख जानना चाहा। इस किशोरी का ‘उसकी सहमति से एक व्यक्ति से संबंध’ था। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अगुवाई वाली पीठ ने इस नाबालिग किशोरी की मां की याचिका पर नोटिस जारी किया एवं अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल से सुनवाई की अगली तारीख पर पेश होकर अदालत की मदद करने का अनुरोध किया। इस किशोरी को 18 सप्ताह का गर्भ है। न्यायमूर्ति शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि गर्भपात में ‘कोई समस्या ’ है ही नहीं क्योंकि नाबालिग के साथ यौन अपराध में पीड़िता की सहमति अर्थहीन होती है तथा बाल यौन अपराध संरक्षण कानून की धारा 19 के तहत अनिवार्य तौर पर इस घटना के बारे में पुलिस को सूचित किया जाए। अदालत ने कहा, ‘‘यदि वह नाबालिग है तो यह एक अपराध है। इस मामले की सूचना पुलिस को दी जाए। भले ही उनकी इसमें दिलचस्पी न हो लेकिन यह राज्य के विरूद्ध अपराध है।’’