By अभिनय आकाश | May 04, 2026
भोपाल क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आईएएस कोचिंग संस्थान के निदेशक से 1.89 करोड़ रुपये की फिरौती के हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझा लिया है। कथित मास्टरमाइंड और संस्थान के पूर्व छात्र सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा ने पीड़िता शुभ्रा रंजन को सेमिनार और नए कोचिंग सेंटरों के विस्तार के बहाने दिल्ली से भोपाल बुलाया और इस तरह अपराध को अंजाम दिया। वहां पहुंचने पर उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाकर बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया गया। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि आरोपी ने पीड़िता को पिस्तौल और देसी हथियारों से धमकाकर जबरन 1.89 करोड़ रुपये 'जनक्षिला' और 'आरएस एंटरप्राइजेज' नामक संस्थाओं से जुड़े खातों में ट्रांसफर करवा दिए। घटना की जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में ट्रांसफर की गई रकम को फ्रीज कर दिया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रिफंड की प्रक्रिया जारी है और पूरी रकम जल्द ही वापस मिलने की उम्मीद है।
पुलिस ने बताया कि इस योजना को अंजाम देने के लिए दतिया और रीवा से हथियारबंद अपराधियों को लाया गया था। अपराध के बाद, प्रियांक शर्मा ने कथित तौर पर बीमारी का बहाना बनाकर और एम्स भोपाल के आईसीयू में भर्ती होकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। हालांकि, उसके परिवार के सदस्यों के विरोध और हंगामे के बावजूद पुलिस ने उसे अस्पताल परिसर से गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच में पता चला है कि शर्मा लूट के बाद विदेश भागने की योजना बना रहा था। अधिकारी इस साजिश में उसकी पत्नी की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। मुख्य साजिशकर्ता समेत सभी छह आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे आगे की पूछताछ जारी है।