दिल्ली-झारखंड के CM को जेल में डाला, जनता ने बहुमत वापस लिया, फिर भी आप सुधर नहीं रहे, सिद्धारमैया के मुद्दे पर बोले संजय राउत

By अभिनय आकाश | Sep 27, 2024

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि जिस पार्टी में देश भर के भ्रष्टाचारियों को आश्रय दिया जाता है वो पार्टी कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है इसलिए वहां के मुख्यमंत्री के खिलाफ गवर्नर का दबाव बनाकर, कार्रवाई की बात कर रही है। यह गलत है। आपने दिल्ली के मुख्यमंत्री को जेल में डाला, झारखंड के मुख्यमंत्री को जेल में डाला। जनता ने आपसे बहुमत वापस ले लिया फिर भी आप नहीं सुधर रहे हैं। राउत ने कहा कि भाजपा के जो मुख्यमंत्री थे बीएस येदियुरप्पा उन पर कौन से घोटालों के आरोप नहीं थे? शुरुआत बीएस येदियुरप्पा से करनी चाहिए बाद में सिद्धारमैया के साथ न्याय-अन्याय की बात होगी। कर्नाटक हाई कोर्ट ने ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को एक बड़ा झटका देते हुए उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने भू आवंटन मामले में उनके विरूद्ध जांच के लिए राज्यपाल थारवरचंद गहलोत द्वारा दी गयी मंजूरी को चुनौती दी थी। इसके बाद से ही बीजेपी और जेडीएस की तरफ से सिद्धारमैया पर निशाना साधा जा रहा है। 

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खुद पर उठते सवालों के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने एक बार फिर दोहराया कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा उनकी पत्नी को 14 भूखंड आवंटित किए जाने में किसी भी तरह की अनियमितता के आरोपों को खारिज कर दिया। सिद्धरमैया ने खुद पर लगे आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का षड़यंत्र करार देते हुए कहा कि वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने एमयूडीए भूमि आवंटन “घोटाले” में मुख्यमंत्री के खिलाफ मैसूर में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच कराने का बुधवार को आदेश दिया था, जिसके साथ ही उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का रास्ता साफ हो गया। 

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’भूखंड आवंटन विवाद के बीच कर्नाटक सरकार ने राज्य में मामलों की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली। इसने आरोप लगाया कि एजेंसी पक्षपातपूर्ण ढंग से काम कर रही थी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद फैसले की घोषणा करते हुए कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सीबीआई या केंद्र सरकार अपने साधनों का उपयोग करते समय उनका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग नहीं कर रही है।

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