By अंकित सिंह | Aug 31, 2022
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और उपराज्यपाल के बीच टकराव एक बार फिर से जारी है। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने उपराज्यपाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अब उपराज्यपाल की ओर से इस पर पलटवार किया गया है। उपराज्यपाल की ओर से साफ तौर पर कहा गया है कि आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से झूठे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के ‘झूठे’ आरोपों के लिए आम आदमी पार्टी नेता आतिशी और सौरभ भारद्वाज समेत चार पार्टी नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
आप विधायक दुर्गेश पाठक ने सोमवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि सक्सेना ने 2016 में केवीआईसी का अध्यक्ष रहने के दौरान अपने कर्मचारियों पर 1400 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोट बदलने के लिए दबाव डाला था। उन्होंने दावा किया कि केवीआईसी के दो कैशियर ने घोटाले का पर्दाफाश किया था, लेकिन सक्सेना ने स्वयं उनके आरोपों की जांच की और उन्हें निलंबित कर दिया। पाठक ने कहा, ‘‘कैशियर प्रदीप यादव और संजीव कुमार ने ऑन रिकॉर्ड बताया कि नोटबंदी के बाद अकेले उनकी (दिल्ली) शाखा से 22 लाख रुपये का अवैध लेन-देन हुआ। और इस तरह पूरे भारत में फैली खादी की 7,000 शाखाओं के माध्यम से वही घोटाला किया गया।