By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 01, 2026
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में एक जूता कारखाने में आग लगने से चार लोगों की मौत के बाद विभिन्न एजेंसियों ने अपनी-अपनी अधिकार क्षेत्र संबंधी सीमाओं का हवाला दिया है। वहीं, कारखाने में सुरक्षा संबंधी निरीक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि इकाई के पास वैध फैक्टरी लाइसेंस और प्रदूषण संबंधी मंजूरी थी। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि कारखाने के पास 2024 में जारी वैध लाइसेंस और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) था, जो 2039 तक वैध था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘सभी दस्तावेजों और मौके पर किए गए सत्यापन के बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी।’’ दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) के एक अधिकारी ने कहा कि इस क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की निगरानी के लिए कई एजेंसियां जिम्मेदार हैं। अधिकारी के अनुसार, डीएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में नालों और सड़कों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, जबकि अग्नि सुरक्षा, भवन संबंधी नियमों और प्रदूषण से जुड़े मामले अन्य एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।