By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 02, 2020
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने कहा कि फिर से गिरफ्तार करने के समय आरोपी और उसका वकील मुल्ज़िम को न्यायिक या पुलिस हिरासत में भेजे जाने के जांच अधिकारी के आवेदन का विरोध कर सकते हैं। अदालत ने खालिद की न्यायिक हिरासत की अवधि 16 दिसंबर तक बढ़ा दी और कहा कि हिरासत बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। अदालत ने खालिद के वकील के उस आग्रह को खारिज कर दिया, जिसमें हिरासत आवेदन का विरोध करने की इजाजत मांगी गई थी, क्योंकि अदालत के समक्ष जमानत की कोई अर्जी दायर नहीं की गई है। अदालत ने कहा कि आरोपी के वकील को सुनने और जब भी हिरासत बढ़ाई जानी है तब उन्हें हिरासत आवेदन का विरोध करने का मौका देने की गुंजाइश नहीं है।