Delhi Voter List में नाम जुड़वाने के लिए 2.18 लाख से अधिक Form-6 जमा हुए

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 03, 2026

नयी दिल्ली, दो सितंबर दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सूची में नाम शामिल कराने के लिए एक सितंबर तक कुल 2,18,139 फॉर्म जमा किए गए, जबकि नाम हटाने के लिए 51,000 से अधिक आपत्तियां दर्ज की गईं। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक कुल 2,14,534 फॉर्म-6 जमा किए गए थे, जबकि एक सितंबर को 3,605 फॉर्म और जमा किए गए।

वहीं मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए सबसे अधिक 14,663 आपत्तियां दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले से दर्ज की गईं। पश्चिमी दिल्ली के बाद दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 25,446, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से 25,010, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से 22,189 और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली से 20,191 फॉर्म-6 जमा किए गए। सोमवार को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद शुरुआती दो दिनों में कुल 51,522 फॉर्म-7 जमा किए गए।

इनमें सबसे अधिक दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 14,663, उत्तर दिल्ली से 11,626, पश्चिमी दिल्ली से 8,930 और पूर्वी दिल्ली से 2,621 फॉर्म शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 13 जिलों में दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में मसौदा मतदाता सूची से सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मतदाताओं ने पंजीकृत पते में बदलाव के लिए कुल 2,63,801 फॉर्म-8 जमा किए।

इनमें सबसे अधिक 33,083 फॉर्म पूर्वी दिल्ली से आए। इसके बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली से 32,783, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 30,581, दक्षिणी दिल्ली से 26,331 और पश्चिमी दिल्ली से 25,387 फॉर्म जमा किए गए। दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों की मसौदा मतदाता सूचियों से कुल 47.50 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि दिल्ली में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 1.45 करोड़ है।

अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले नाम (एएसडीडी) तथा अन्य श्रेणियों में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए 43 लाख से अधिक मतदाता अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी में आते हैं।

निर्वाचन अधिकारियों ने उन मतदाताओं को नोटिस देना भी शुरू कर दिया है, जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची में विभिन्न विसंगतियों या गणना चरण के दौरान जमा किए गए फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण के मेल नहीं खाने के कारण शामिल किए गए हैं। नोटिस और सत्यापन की प्रक्रिया 29 अक्टूबर को समाप्त होगी, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची में नाम वाले 33 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस मिलने की संभावना है।

निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि यदि मतदाताओं के विवरण का 2002 की दिल्ली एसआईआर से मिलान नहीं हो पाया या गणना फॉर्म में उनके व्यक्तिगत विवरण में कोई विसंगति पाई गई, तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।

प्रमुख खबरें

Strait of Hormuz में अमेरिका का महा-ऑपरेशन! Iran से भारी तनाव के बीच 40 युद्धपोतों ने 1.8 करोड़ बैरल तेल को दिया सुरक्षा कवच

India-Iran Trade Agreements की खबरों पर अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का बड़ा बयान, कहा- कोई बातचीत नहीं हो रही है...

Maharashtra Police ने प्रयागराज से 2 को दबोचा, 139 करोड़ का Drugs रैकेट बेनकाब

Supreme Court ने नाबालिग होने पर रद्द की 20 साल पुरानी Conviction