By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026
नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने बुधवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मसौदा मतदाता सूची से जिन वोटर के नाम हट गए हैं, वे केवल इस आधार पर अभियोजन का सामना किए बिना नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं कि वे पहले मतदाता सूची में दर्ज थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक बयान के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत किसी मतदाता के खिलाफ केवल इस आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी कि उसका नाम पिछली मतदाता सूची में दर्ज था और उसने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद फॉर्म-6 जमा किया है। यह स्पष्टीकरण पहले से पंजीकृत मतदाताओं की आशंकाओं के बीच आया है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने 14 अक्टूबर के दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश का भी हवाला दिया, जो ‘निलोत्पल दत्ता एवं अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग’ मामले में दिया गया था। इसमें अदालत ने याचिकाकर्ताओं की इस आशंका को खारिज कर दिया था कि पहले से मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद फॉर्म-6 जमा करना झूठी घोषणा माना जाएगा। अदालत ने उन्हें कानून के अनुसार प्रक्रिया के लिए फॉर्म जमा करने की अनुमति दी थी।