वाराणसी में मुक्ति के लिए अलग-अलग जगह पारंपरिक व विद्युत शवदाह गृह बनाये जाने की मांग

By आरती पांडे | Jun 07, 2021

गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा की विद्युत शवदाह गंगा के तट पर ऐसे स्थान पर हो कि लोग किसी भी मौसम मे आवागमन कर सकें। बिना किसी की मदद के सीधे शव को भट्टी पर ही उतारें। इस कवायद से शव की अंत्येष्टि के दौरान लोगों की भीड़, श्रम, समय और धन की बचत होगी।

इसे भी पढ़ें: ब्राजीली फुटबॉल प्रमुख यौन उत्पीड़न के मामले में 30 दिनों के लिए निलंबित  

सगे-संबंधियों द्वारा परिजनों के शव की अंत्येष्टि न कर उसे गंगा में बहा देना मानवीय रिश्तों को तार-तार करता दिखा। शवों को जलाए जाने वाली लकड़ी के काम में बड़े-बड़े माफिया व गुंडे लगे हैं। अनवरत विद्युत शवदाह गृह चलने से वह शवदाह गृह को बाधित करने का प्रयास करते हैं। आपसे आग्रह है कि परंपरागत श्मशान स्थल से हटकर ही विद्युत शवदाह गृह बनें। विद्युत शवदाह गंगा के तट पर ऐसे स्थान पर हो कि लोग किसी भी मौसम मे आवागमन कर सकें। बिना किसी की मदद के सीधे शव को भट्टी पर ही उतारें। इस कवायद से शव की अंत्येष्टि के दौरान लोगों की भीड़, श्रम, समय और धन की बचत होगी। स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि हाल ही में आए चक्रवाती तूफानों के कारण समुद्र तटीय इलाकों में मठ-मंदिरों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने आपदा में नष्ट मंदिरों का पुनरुद्धार कराने का आग्रह किया है।

प्रमुख खबरें

The Devil Wears Prada 2 Critics Reviews | स्टाइलिश सीक्वल को दोहराए गए प्लॉट के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा

Rajnath Singh ने किया बड़ा खुलासा, भारत लंबी जंग के लिए तैयार था, हमने अपनी शर्तों पर रोका था Operation Sindoor

Dadasaheb Phalke Birth Anniversary: एक विदेशी Film देख जागा था जुनून, ऐसे रखी भारतीय सिनेमा की नींव

Donald Trump ने Putin को फोन पर सुनाई खरी खरी! Iran मामले में दखल देने की बजाय Ukraine War खत्म करने पर ध्यान देने की दी सलाह