By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 02, 2020
नयी दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस ने संसद के आगामी सत्र में प्रश्नकाल के निलंबन को लेकर केंद्र सरकार पर बुधवार को हमला करते हुए आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती है कि विपक्ष के सदस्यों को अर्थव्यवस्था और महामारी पर सवाल करने का अवसर दिया जाए। संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू हो रहा है और यह एक अक्टूबर तक चलेगा। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इस सत्र में प्रश्न काल नहीं होगा और निजी सदस्यों के विधेयक भी नहीं लिए जाएंगे,जबकि शून्य काल की अवधि सीमित होगी।
तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के द्वारा भी सवाल उठाए जाते हैं और इस अवधि को निलंबित करने का कदम उठाकर सरकार “अपने सांसदों को भी सवाल पूछने का अवसर नहीं दे रही” है। उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब यह है कि हम अर्थव्यवस्था और महामारी को लेकर कोई सवाल नहीं पूछ सकते हैं।’’ तृणमूल कांग्रेस ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘1961 में 33वें, 1975 में 93वें, 1976 में 98वें और 1977 में 99वें सत्र में प्रश्न काल नहीं था क्योंकि ये सभी सत्र विशेष उद्देश्य - ओडिशा, आपातकाल की घोषणा, 44वें संशोधन, तमिलनाडु/नगालैंड मेंराष्ट्रपति शासन के लिये थे। आगामी मानसून सत्र नियमित सत्र है।