By रेनू तिवारी | May 15, 2026
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बीते बुधवार को प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। तेज आंधी, बेमौसम बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने राज्य के 26 जिलों में भारी तबाही मचाई है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य भर में सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। कच्चे मकानों और टिन शेड को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचा है।
राहत आयुक्त कार्यालय ने कहा कि वह जिला अधिकारियों के साथ सीधे समन्वय के माध्यम से स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और जिलों को आवश्यक धन उपलब्ध कराया जा रहा है। आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए और बीमा कंपनियों के साथ-साथ राजस्व और कृषि विभाग को नुकसान का सर्वेक्षण करने और सरकार को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज में 26, भदोही में 16, फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है। प्रयागराज जिला प्रशासन के अनुसार यहां बुधवार की घटनाओं में कुल 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। भदोही में 16 मौतें हुई हैं।
फतेहपुर में अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में नौ लोगों की मौत हुई है और 16 घायल हुए हैं। प्रतापगढ़ में आंधी-तूफान और बारिश के कारण चार लोगों की मौत हुई है। कानपुर देहात में बिजली गिरने से एक युवती सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि देवरिया में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान गई। सोनभद्र में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर मकान, शेड और दीवारें गिरने से जनहानि हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने, नुकसान का सर्वे कराने तथा राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों के माध्यम से शीघ्र आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
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