Devendra Fadnavis का विपक्ष पर हमला, बोले- 5000 रुपये की राहत का दर्द अमीर नेता नहीं समझेंगे

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 17, 2026

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि बड़े बंगलों में रहने वाले, महंगी कारों में घूमने वाले और कई संस्थान चलाने वाले नेता किसानों को दी जाने वाली 5,000 रुपये की अंतरिम सहायता का महत्व कभी नहीं समझ सकते। वह वर्धा जिले में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्हें सावंगी में अदाणी उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के 17वें दीक्षांत समारोह में डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की गई।

सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सूची में 40 और तालुकाओं को शामिल किया था, जिससे महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित तालुकाओं की संख्या बढ़कर 305 हो गई थी। इसके बाद विपक्ष ने सवाल उठाया था कि किसान केवल 5,000 रुपये से दिवाली कैसे मना सकते हैं। फडणवीस ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) के प्रावधानों के कारण सरकार के लिए तुरंत धनराशि जारी करना संभव नहीं था।

हालांकि, राज्य सरकार ने किसानों को अग्रिम सहायता के रूप में 5,000 रुपये देने का रास्ता निकाला। उन्होंने शनिवार को कहा, अब तक की स्थिति देखें तो कम जमीन वाले किसान को न्यूनतम केवल 1,000 रुपये मिलते। अब सबसे कम जमीन वाले किसानों को भी कम से कम 5,000 रुपये मिलेंगे और मुआवजे की राशि जारी होने पर शेष रकम बाद में दी जाएगी।

फडणवीस ने कहा कि पड़ोसी राज्य कर्नाटक भीषण सूखे का सामना कर रहा है, लेकिन वहां कांग्रेस की सरकार ने किसानों को केवल 2,500 रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा, मैं किसानों की तकलीफ समझता हूं। उनकी परेशानी की तुलना में 5,000 रुपये कोई बड़ी रकम नहीं है, लेकिन मुझे विश्वास है कि इससे किसानों को कुछ राहत मिलेगी।

फडणवीस ने कहा, ‘‘जब हमने लाडकी बहिन योजना के तहत अपनी प्यारी बहनों को 1,500 रुपये दिए थे, तब कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेताओं ने योजना का मजाक उड़ाया था और राशि का उपहास किया था। लेकिन लाडकी बहनें 1,500 रुपये का महत्व जानती थीं। हमारे किसान 5,000 रुपये का महत्व जानते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े बंगलों में रहने वाले, महंगी कारों में घूमने वाले और कई संस्थान चलाने वाले नेता 5,000 रुपये की सहायता का महत्व कभी नहीं समझ सकते। इससे पहले, फडणवीस ने कहा था कि 1992 के एक प्रस्ताव के तहत किसानों के बच्चों को शैक्षणिक शुल्क में छूट देने पर लगाई गई पुरानी शर्तों को हटा दिया गया है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में सभी पात्र विद्यार्थियों को शुल्क में छूट मिल सकेगी।

उन्होंने कहा था कि जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और ऋण समितियों को किसानों से जबरन कर्ज वसूली करने, उन्हें परेशान करने या उन पर अनुचित दबाव डालने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा था कि निजी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के मामले में भी इसी तरह के कदम उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फडणवीस ने यह भी कहा था कि बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए किसी तरह की जबरदस्ती या दबाव डालने की अनुमति नहीं है।

राज्य की नीति के तहत 7.5 हॉर्सपावर (एचपी) तक की क्षमता वाले कृषि पंपों को मुफ्त बिजली दी जाएगी।

प्रमुख खबरें

Bhadohi में Instagram पर बच्चों के आपत्तिजनक वीडियो डालने वाला फैयाज अली गिरफ्तार

DP World India Championship: स्पेन के Eugenio Chacarra ने 14-अंडर पार के साथ ली बढ़त

US Sanctions में छूट से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और एक्सपोर्ट को बढ़ावा: FICCI और FIEO

Delhi Police के इतिहास में 18 अक्टूबर खास, 1861 में दर्ज हुई थी पहली FIR