By अंकित सिंह | May 22, 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को NEET UG परीक्षा के पेपर लीक विवाद से निपटने के सरकारी उपायों का बचाव करते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताएं पाए जाने के बाद कठोर निर्णय लिए गए। जागरण भारत शिक्षा सम्मेलन 2026 में बोलते हुए प्रधान ने कहा कि अधिकारी नहीं चाहते कि परीक्षा माफिया की वजह से एक भी योग्य छात्र अपनी सीट खो दे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि 21 जून को होने वाली NEET UG की पुनःपरीक्षा 100 प्रतिशत त्रुटिरहित होगी।
प्रधान ने कहा कि सरकार ने यह पता लगने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला किया कि कुछ मूल्यांकनों में गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं में शामिल लोगों और परीक्षा माफिया की साजिश के कारण एक भी विद्यार्थी अपनी हक की सीट से वंचित हो। मंत्री ने इस मुद्दे से निपटने के तरीके को लेकर हुई आलोचना को स्वीकार किया लेकिन साथ ही कहा कि सरकार इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि हम आलोचना एवं चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और मैं इसे स्वीकार करता हूं लेकिन व्यवस्था को दुरुस्त करना हमारी जिम्मेदारी है। आंखें मूंदकर समस्या से मुंह मोड़ लेना हमारा कर्तव्य नहीं है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा 100 प्रतिशत त्रुटिरहित रहे।
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