By अनन्या मिश्रा | Aug 26, 2026
अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जो बेहद खूबसूरत होने के साथ विदेशी नजारों वाला एहसास करा सके। तो आपको एक बार मध्यप्रदेश का रुख करना चाहिए। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जिसको देखकर आप भी दांतों तले उंगली दबा लेंगे। इस जगह का नाम भेड़ाघाट है। यह जगह हरे-भरे पेड़ों और संगमरमर की ऊंची-ऊंची चट्टानों से घिरा है। भेड़ाघाट को फिल्मों की शूटिंग और बोटिंग आदि के लिए परफेक्ट माना जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भेड़ाघाट की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं।
यह जगह भूगोल के नजरिए से भी बेहद खास है। नर्मदा और ताप्ती दोनों देश की वह दो नदियां हैं, जो बंगाल की खाड़ी की जगह अरब सागर में गिरती है। एक जमाने पर यहां जमीन में दरार आ गई थी। जिससे बीच की जमीन रह गई और दोनों नदियां अरब सागर की ओर बहने लगीं।
अरबों साल पहले यहां पर ज्वालामुखी फटा था, उस ज्वालामुखी के लावे से 'सॉफ्ट स्टोन' बना था। जिसको हम मार्बल बोलते हैं, यह वही सॉफ्ट स्टोन है। इसमें मैग्नीशियम की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है, इस कारण यह इतना नर्म होता है। वहीं इसी इलाके में डायनासोर के अंडे भी मिल चुके हैं।
भेड़ाघाट में एक फेमस और बहुत सुंदर वॉटरफॉल भी है, जिसको 'धुआंधार वॉटरफॉल्स' के नाम से जाना जाता है। इस वॉटरफॉल का नाम ही इसकी खूबसूरती को बयां कर देता है। यहां पर पानी इतनी तेज रफ्तार और ऊंचाई से गिरता है कि चारों ओर पानी की बूंदें धुएं की तरह उड़ती दिखती हैं। यहां बहते पानी का शोर बहुत दूर तक सुनाई देता है।
बॉलीवुड को भी भेड़ाघाट की खूबसूरती बेहद लुभाती है। शाहरुख खान और तापसी पन्नू स्टारर सुपरहिट फिल्म 'डंकी' में भेड़ाघाट के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। इससे पहले भी इस जगह पर कई यादगार फिल्में फिल्माई गई हैं। जिनमें रितिक रोशन की फिल्म मोहनजोदड़ो, ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की फिल्म बॉबी, सुनील दत्त की फिल्म प्राण जाए पर वचन न जाए और शोमैन राज कपूर की क्लासिक फिल्म 'जिस देश में गंगा बहती है' शामिल है।
यहां पर घूमने के दौरान आप चौंसठ योगिनी मंदिर भी देखने जरूर जाएं। नर्मदा नदी के ठीक ऊपर बने एक पहाड़ पर यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर में मां दुर्गा की 64 योगनियों की मूर्तियां हैं। इन मूर्तियों के बीचोबीच में भोलेनाथ की मूर्ति विराजमान है। पर्यटकों के लिए यह एक दर्शनीय स्थल है।
भेड़ाघाट में आपको नेचर का एक और सरप्राइज देखने को मिलता है, जिसको बैलेंसिंग रॉक्स कहते हैं। यह पत्थर की काफी बड़ी गोलाकार चट्टाने हैं। जिनको इंसानों ने नहीं बनाया। यह चट्टानें हजारों साल पहले हुए ज्वालामुखी विस्फोट से बनी थीं। इसकी खासियत इनका बैलेंस है। चाहे भूकंप आए या फिर कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा, इन गोलाकार चट्टानों का बैलेंस कभी नहीं बिगड़ता है।
जबलपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से करीब 25 किमी दूर यह जगह है।
अगर आप फ्लाइट से जाना चाहें, तो जबलपुर शहर का अपना एयरपोर्ट भी है।
इसके अलावा भेड़घाट तक आने के लिए पर्यटकों के पास रोपवे का ऑप्शन भी है। वहीं मार्बल रॉक्स और घाट के नजारों को करीब से महसूस करने के लिए आप नर्मदा नदी में बोटिंग भी कर सकते हैं।