Diarrhea AIIMS Mangalagiri Hostel | एम्स मंगलगिरी हॉस्टल में डायरिया का प्रकोप! 25 छात्र और कर्मचारी बीमार, दूषित पानी की आशंका

By रेनू तिवारी | Mar 09, 2026

देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान AIIMS (एम्स) मंगलगिरी के हॉस्टल में अचानक फैली गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी ने हड़कंप मचा दिया है। पिछले तीन दिनों से उल्टी और डायरिया (दस्त) के गंभीर लक्षणों से जूझ रहे कम से कम 25 छात्र और स्टाफ सदस्य बीमार पड़ गए हैं। संस्थान के भीतर ही इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से परिसर की स्वच्छता और पेयजल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इसे भी पढ़ें: Nepal Election Results 2026 | नेपाल में 'रवि-लहर'! राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी दो-तिहाई बहुमत के करीब, बालेंद्र शाह बनेंगे सबसे युवा प्रधानमंत्री

हॉस्टल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी से घिरा

यह घटना AIIMS मंगलगिरी हॉस्टल में हुई, जहां रहने वालों ने तीन दिन पहले गंभीर उल्टी और डायरिया की शिकायत की, जिसके बाद तुरंत मेडिकल मदद लेनी पड़ी। कुल 25 लोग, जिनमें ज्यादातर स्टूडेंट थे, बीमार पड़ गए, जिससे फैसिलिटी के रिसोर्स खत्म हो गए और उन्हें कड़ी निगरानी और इलाज के लिए एक खास आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। शुरुआती देखभाल के बावजूद लक्षण बने रहे, जिससे यह पता चलता है कि यह बीमारी कितनी गंभीर है और इसे तेजी से रोकने के उपाय करने की जरूरत है।

पानी के खराब होने का शक

शक जल्दी ही गंदे पानी की सप्लाई पर केंद्रित हो गया, और अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या खराब सोर्स से यह बड़ी बीमारी हुई। AIIMS के अधिकारी पानी की चेन की बारीकी से जांच कर रहे हैं, स्टोरेज से लेकर हॉस्टल के नल और पाइपलाइन जैसे डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट तक। खराब पानी की वजह का पता लगाने के लिए, टीमों ने अलग-अलग जगहों से लगभग 40 सैंपल इकट्ठा किए, जिनका अब पैथोजन्स या केमिकल अशुद्धियों के लिए लैब में सख्त एनालिसिस किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: IND vs NZ Final | इंटरनेट पर छाया खाकी का जलवा! दिल्ली और अहमदाबाद पुलिस के बीच छिड़ी 'मज़ेदार' जंग!

ऑफिशियल रिस्पॉन्स और बचाव के कदम

हेल्थ अधिकारियों और AIIMS मंगलगिरी एडमिनिस्ट्रेशन ने तेज़ी से काम किया, मरीज़ों को आइसोलेट किया और नतीजे आने तक पानी के इस्तेमाल पर रोक लगाई। बाकी रहने वालों की सुरक्षा के लिए हाइजीन प्रोटोकॉल, पीने के पानी के दूसरे सुरक्षित इंतज़ाम और प्रभावित इलाकों को डिसइंफेक्ट करने पर फोकस बना हुआ है। इस प्रोएक्टिव कदम का मकसद इस संकट को तेज़ी से हल करना है, ताकि कैंपस के इंफ्रास्ट्रक्चर की कमज़ोरियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इंस्टीट्यूट की सुरक्षा की रेप्युटेशन बनी रहे।

प्रमुख खबरें

Delhi Taxi Association का बड़ा ऐलान: 4 August को Ethanol Policy के खिलाफ Parliament मार्च

Chhattisgarh MGNREGA Scam: कांकेर के 8 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ EOW ने फाइल की 6000 पन्नों की Charge Sheet

India की Bhumika Shajwani बनीं Mrs Earth Elite 2026, खूबसूरती के साथ समाज सेवा के जज्बे से रचा नया इतिहास

Rajasthan CM Bhajanlal Sharma का युवाओं को बड़ा तोहफा, Policy Making में मिलेगी जगह और Budget में शामिल होंगे सुझाव