जवाहरलाल नेहरू ने किया था शिवाजी महाराज का अपमान? फडणवीस के दावे पर क्यों भड़की कांग्रेस

By अंकित सिंह | Oct 07, 2024

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग जारी है। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर वार किया था। इसी के बाद भाजपा की ओर से पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने एक ऐसा दावा कर दिया जिससे कांग्रेस भड़क गई है। दरअसल, देवेन्द्र फडणवीस ने दावा किया कि देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया गया था और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। 

राहुल गांधी ने क्या कहा था

इससे पहले दिन में, राहुल गांधी ने पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मराठा साम्राज्य के संस्थापक की प्रतिमा का अनावरण किया। यह दूसरा मौका है जब फडणवीस ने नेहरू पर शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप लगाया है। प्रतिमा का अनावरण करने से पहले राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में मराठा शासक की स्थापित प्रतिमा के ढहने को लेकर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि पार्टी की विचारधारा सही नहीं है। गांधी ने कहा, ‘‘ लोगों को भयभीत करने, देश में संविधान और संस्थानों को बर्बाद करने के बाद शिवाजी महाराज के समक्ष शीश झुकाने का कोई औचित्य नहीं है। ’’ 

इसे भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव के दौरान Sangli क्षेत्र में होगी कांटे की टक्कर, लोकसभा चुनाव में सभी के हाथ थे खाली

फडणवीस पर कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने देवेंद्र फडणवीस आड़े हाथ लिया। पटोले ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता को अगस्त मेंछत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने के मामले में पहले माफी मांगनी चाहिए। पटोले ने कहा कि फडणवीस छत्रपति शिवाजी पर नेहरू की टिप्पणी को लेकर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू ने जेल में रहने के दौरान किताब लिखी। रिहा होने के बाद उन्होंने अपनी टिप्पणियों को संशोधित किया और माफी भी मांगी। लेकिन फडणवीस ने अब तक तक मालवण में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने को लेकर माफी नहीं मांगी है। उन्हें हमें बताना चाहिए कि वह कब माफी मांगेंगे। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पहले कहा था कि फडणवीस को बताना चाहिए कि उन्होंने किताब कब पढ़ी। नेहरू ने अपने पहले संस्करण में संशोधन किया था और 1936 में इतिहासकारों को पत्र लिखकर आवश्यक संशोधन के लिए सुझाव मांगे थे। वह एक महान बुद्धिजीवी थे और उन्होंने स्वीकार किया था कि पहला संस्करण उस समय लिखा गया था, जब वह जेल में थे और उनकी पहुंच संदर्भ सामग्री तक नहीं थी।

प्रमुख खबरें

Yogi Adityanath Full Action में, Agra में अफसरों को चेतावनी- घटिया काम पर दर्ज होगी FIR

Ram Mandir Donation Scam: दान घोटाले में बड़ा Action, 8 आरोपियों की बढ़ी मुश्किलें, अयोध्या कोर्ट ने 14 दिन की हिरासत में भेजा

US-Iran तनाव से Share Market में हाहाकार, Sensex 372 अंक टूटा, Nifty भी धड़ाम

Top 10 Breaking News 29 June 2026 | Europe Heatwave | Delhi Monsoon Arrival | Ram Mandir Donation Theft Case | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें