By अभिनय आकाश | Nov 29, 2025
दावा यह भी किया गया है कि इमरान खान जो है 17 दिन पहले ही उसको फांसी दी जा चुकी है। इस सनसनी केस खुलासे के बीच पाकिस्तान में जबरदस्त हंगामा भी मचा हुआ है। तो हालात इस कदर भयानक हो चुके हैं कि शहबाज शरीफ के करीबी ने इमरान का फातिहा पढ़ने की नसीहत दे दी है। 17 दिन इस 17 दिन वाली मिस्ट्री ने आज पूरे पाकिस्तान में भूचाल ला दिया। कोई कह रहा है इमरान को फांसी पर लटका दिया गया है। कोई कह रहा है इमरान को किसी भी वक्त फांसी दी जा सकती है। तो कोई इस बात की उम्मीद लगाए बैठा है कि इमरान के कत्ल की गलती नहीं की जाएगी। वैसे पाकिस्तान में राजनेताओं को फांसी पर लटकाने का पुराना इतिहास रहा है। 1979 की एक सुबह रावलपिंडी की जेल में 51 साल के वहां के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी पर लटका दिया गया था और अब 46 साल बाद, ठीक उसी तरह एक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में बंद कर रखा है। उनकों लेकर तरह तरह की खबरें सामने आ रही हैं।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया में जब से 17 दिन पहले इमरान खान को कत्ल कर देने की खबरें ट्रेंड होना शुरू हुई। इमरान समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा है। अडियाला जेल के बाहर अब भी पीजीटीआई समर्थक जमा है। सोहेल चौधरी ने जेल के बाहर धरना दिया जो सुबह तक जारी रहा। मरियम की पुलिस और मुनीर की फौज ने पहले सोहेल को समर्थकों के साथ हटने को कहा। लेकिन जब यह लोग नहीं माने तो पाकिस्तान में एक सूबे के चुने हुए मुख्यमंत्री की बुरी तरह पिटाई कर दी गई। जिससे इमरान के समर्थक भी भड़क गए। मगर सोहेल अफरीदी ने हंगामे को शांत कराया और वह इमरान से मिलने की मांग को लेकर इस्लामाबाद हाई कोर्ट की तरफ चल दिए। जैसे ही शहबाज शरीफ के करीबी ने इमरान के समर्थकों को फातिहा पढ़ने की सलाह दी पूरे पाकिस्तान में कोहराम मच गया।
पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। लोग अपने घरों से बाहर निकलने लगे। इमरान समर्थकों की चिंता की सबसे बड़ी वजह यह है कि 27वें संविधान संशोधन के बाद मुनीर की शक्तियां बेहिसब बढ़ चुकी है। मुनीर इस वक्त पाकिस्तान के सबसे बड़े फैसले ले सकता है। मुनीर किसी को भी फांसी पर टंगवा सकता है और किसी को भी फांसी से हटवा सकता है।