डिजिटल पेमेंट होगा और भी सुरक्षित, UPI में आएगा नया फीचर

By डॉ. अनिमेष शर्मा | Aug 13, 2025

आज के समय में लगभग हर स्मार्टफोन यूजर UPI (Unified Payments Interface) के जरिए डिजिटल पेमेंट करता है। अभी तक जब भी कोई व्यक्ति किसी को पैसे भेजता है, तो उसे 4 अंकों वाला UPI PIN डालना होता है, जो अकाउंट बनाते समय सेट किया जाता है। यह सिस्टम सुरक्षित जरूर है, लेकिन यदि किसी को आपका PIN पता चल जाए, तो वो आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकता है। ऐसे फ्रॉड के मामले सामने आ चुके हैं।

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बायोमेट्रिक सिस्टम से कैसे बढ़ेगी सुरक्षा?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव UPI सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाएगा। PIN को चोरी करना या अनुमान लगाना कई बार संभव हो जाता है, लेकिन किसी का फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन कॉपी कर पाना लगभग असंभव है। ऐसे में यह तरीका धोखाधड़ी को रोकने में बेहद कारगर होगा।

plutos ONE के फाउंडर रोहित महाजन का कहना है, “PIN याद रखने की परेशानी खत्म हो जाएगी। इससे बुजुर्गों और उन लोगों को भी फायदा होगा जो तकनीक से कम परिचित हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में। यह बदलाव उन्हें डिजिटल पेमेंट की दुनिया से जोड़ने में मदद करेगा।”

तकनीकी और गोपनीयता से जुड़ी चुनौतियां

हालांकि यह बदलाव जितना सुरक्षित दिखता है, उतना ही इसमें कुछ चुनौतियां भी शामिल हैं। डेटा प्राइवेसी, यूजर की सहमति और एक मजबूत तकनीकी सिस्टम की आवश्यकता होगी ताकि बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षित रहे और किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो सके।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जून 2025 में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 18.39 अरब तक पहुंच चुकी है और कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू 24.03 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में इस बड़े यूजर बेस के लिए सिस्टम को अपग्रेड करना कोई आसान काम नहीं होगा। लेकिन एक बार बायोमेट्रिक सिस्टम सफलतापूर्वक लागू हो गया, तो यह न सिर्फ ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि प्रक्रिया को भी सरल करेगा।

यूजर के लिए क्या बदलेगा?

फिलहाल के लिए यूजर को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप जैसे पहले UPI से पेमेंट करते थे, वैसे ही करते रह सकते हैं। यह बदलाव अभी विचाराधीन है और NPCI द्वारा जब इसे लागू किया जाएगा, तब इसके इस्तेमाल और सेटअप को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

यूजर्स को सलाह है कि वे अपनी बैंकिंग ऐप्स और UPI प्लेटफॉर्म्स के अपडेट पर नजर रखें, ताकि जब यह सुविधा उपलब्ध हो, तो आप समय पर इसका लाभ उठा सकें। UPI ट्रांजैक्शन को और ज्यादा सुरक्षित, सहज और फ्रॉड-फ्री बनाने के लिए NPCI का यह कदम बेहद अहम है। PIN की जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन न सिर्फ डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि उन यूजर्स के लिए भी रास्ता आसान बनाएगा जो तकनीकी रूप से कम सशक्त हैं। आने वाले समय में यह बदलाव भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति को और मजबूती देगा।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

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