Dilip Ghosh ने की Mamata Banerjee से मुलाकात, BJP छोड़ TMC में शामिल होने की अटकलें

By नीरज कुमार दुबे | May 02, 2025

पश्चिम बंगाल के दीघा में जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के एक वर्ग के विरोध का सामना कर रहे वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कहा है कि जब वह पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष थे उस दौरान पार्टी को पश्चिम बंगाल में मजबूती मिली और जब से इसमें 'दलालों' का शामिल होना शुरू हुआ है तब से पार्टी गिरावट की ओर है। हम आपको बता दें कि दिलीप घोष अपनी नवविवाहिता पत्नी रिंकू मजूमदार के साथ तृणमूल सरकार द्वारा निर्मित मंदिर गए और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि वह 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी छोड़ सकते हैं।

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हम आपको बता दें कि दिलीप घोष 2015 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने थे और 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। दिलीप घोष दीघा के जगन्नाथ मंदिर गए थे और उसके बाद ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और उनकी इस मुलाकात का कुछ हिस्सा मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर लाइव स्ट्रीम किया गया था जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया था। कुछ भाजपा नेताओं ने इसकी आलोचना की थी। वरिष्ठ भाजपा नेता स्वप्न दासगुप्ता ने दिलीप घोष और बनर्जी के बीच बैठक की एक तस्वीर साझा करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष के इस स्पष्ट विश्वासघात से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में आक्रोश इतना तीव्र है कि राष्ट्रीय नेतृत्व इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता।’’ वहीं भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि पार्टी इस यात्रा का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा, ‘‘यह दिलीप घोष की अपनी मर्जी है, लेकिन पार्टी इस यात्रा का समर्थन नहीं करती। हमारे कई विधायकों को आमंत्रित किया गया था लेकिन राज्य के विभिन्न स्थानों पर हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के कारण कोई भी नहीं गया।’’ वहीं विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से जब इस यात्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनके बारे में बात नहीं करना चाहता।''

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