अनुशासन और कुशल प्रबंधन (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | May 08, 2020

लॉक डाउन से जुड़े प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील लेने और देने पर जोर दिया जा रहा है और हम यह मानकर चल रहे हैं कि इस समय जीवन बचाने के लिए अनुशासन बेहद ज़रूरी है। अनुशासन का मतलब सख्ती ही होता है यह भी हम बचपन से सुनते आए हैं। रोना समय में हम बहुत ज्यादा अनुशासन प्रिय हो गए हैं वैसे सच यह है कि अनुशासन नियम, कायदे और कानून हमें किसी भी युग में अच्छे नहीं लगे। फिर भी अनुशासन प्रियता का कोई न कोई उदाहरण हम स्थानीय ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी पेश करते रहते हैं। आपने देखा देश का राजस्व बढाने के लिए लगी लम्बी कतारों में कितने अनुशासित ढंग से शामिल हुए कि प्रशासन देखता रह गया। पूरी दुनिया में शराब इज्ज़त के साथ खरीदी और पी जाती है लेकिन हमारे यहां उसे जीभर बदनाम किया जाता है। हम भूल जाते हैं कि इससे सभी किस्म के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं।

 

इसे भी पढ़ें: 20 बरस की बाली उमर को सलाम (व्यंग्य)

वास्तव में हमने महाभारत ज्यादा सीखी और अपनी संतानों को भी लड़ना झगड़ना सिखाया। सब अपने दिमाग से खेल रहे थे लेकिन समय के इस अवांछित खिलाड़ी ने आकर सबको पेवेलियन में बिठा दिया, जहां सबको उसी घिसे पिटे अनुशासन में रहना पड़ रहा है। दिल की बातें शुरू हो चुकी हैं। मानवीय, पारिवारिक संबंधों के सुप्रबंधन के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। मानवता अपने सबसे बड़े इम्तहान से गुज़र रही है। अगर किसी वैज्ञानिक ने अब तक भूख न लगने की गोली तैयार कर ली होती तो किसानों को जीवित रखना ज़रूरी न होता। फ़ालतू बैठे, मुफ्त में खाते लोगों को दोबारा काम धंधे में लगना ज़रूरी है ताकि मेहनत को नया जीवन मिल सके। प्रबंधन को पता चल गया है बिना धमकी अनुशासन लागू नहीं होता है, कोरोना का संक्रमण न फैले इसलिए यह निर्णय उगाया गया है कि यदि संक्रमण फैला तो सीनियर मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बुद्धिमान सीनियर प्रबंधन पारम्परिक कार्य संस्कृति के अंतर्गत यह अच्छी तरह समझता है कि गाज जूनियर प्रबंधन पर ही गिरानी है। जूनियर प्रबंधन को भी इस ऐतिहासिक रिवायत का पता है जो आज तक सफल रही है। बेहतर तो यही है कि जहां जहां काम शुरू हो रहा है वहां का जूनियर प्रबंधन अपने ऊपर गाज गिरवाने के लिए तैयार रहे। 

 

इसे भी पढ़ें: मास्क आखिर कौन से चेहरे पर लगाएं! (व्यंग्य)

सीनियर मैनेजमेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने बारे कहा जा रहा है लेकिन सीनियर मैनेजमेंट को पता है कि अपने जूनियर प्रबंधन पर आराम से एफआईआर दर्ज करवा सकता है और दूसरा एक्शन भी लिया जा सकता है। सीनियर मैनेजमेंट द्वारा देश के क़ानून के सख्त क्रियान्वन को देखते हुए विरोध करने पर समझा दिया कि सीनियर मैनेजमेंट पर एफआईआर दर्ज करने बारे प्रावधान तो एहतियातन सिर्फ चिपकाया गया यानी ऐसा कुछ वस्तुत किया नहीं जाएगा। यह बेहतर प्रबंध, सीनियर प्रबंधकों को सिर्फ डराने और मजदूरों को केवल बहलाने के लिए ही किया होगा। कोरोना कहां से वहां या कहां प्रवेश कर जाएगा कोई नहीं जानता। वैसे भी इतिहास तो यही मानता है कि बीमारी या दुर्धटना के मामले में लापरवाही या ग़लती बीमार होने वाले या मरने वाले की ही मानी जाती है। देश का क़ानून भी वही है और लागू करने वाले भी तो वही। वरिष्ठ प्रबंधन पूरा चौकन्ना रहेगा, वर्क प्लेस पर संक्रमण बारे किसी भी किस्म की मिलीभगत, जानकारी व लापरवाही साबित नहीं होने दी जाएगी। अगर ऐसा न हो पाए तो कुशल प्रबंधन किसे कहेंगे।


- संतोष उत्सुक

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Prince Andrew की Arrest से British Royal Family में भूचाल, King Charles के सामने साख बचाने की चुनौती

AI Impact Summit में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, US के Pax Silica क्लब में होगी एंट्री

India AI Summit: PM मोदी के मंच पर Sam Altman-Dario Amodei ने क्यों नहीं मिलाया हाथ?

T20 World Cup में Sikandar Raza का जलवा, Zimbabwe की सुपर एट में तूफानी एंट्री।