बलात्कार पीड़िता बच्ची की पहचान का खुलासा करने के मामले में राहुल गांधी पर भड़का आयोग, कहा पहचान उजाकर करना अपराध

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 14, 2022

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि पिछले साल दुष्कर्म पीड़िता एक दलित बच्ची की पहचान उजागर करने संबंधी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित ट्वीट को हटाने के बारे में ट्विटर के दावे के बावजूद इस तरह का खुलासा करने का अपराध अब भी बनता है। बच्ची के माता-पिता के साथ एक तस्वीर ट्विटर पर साझा कर पीड़िता की पहचान का कथित तौर पर खुलासा करने को लेकर राहुल के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करने के मांग करने वाली याचिका पर मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ सुनवाई कर रही है। 

उन्होंने यह भी कहा कि शुरूआत में राहुल का पूरा अकाउंट सोशल मीडिया मंच ने निलंबित कर दिया था, लेकिन बाद में इसे बहाल कर दिया। एनसीपीसीआर की ओर से पेश हुए वकील ने हालांकि दलील दी कि अपराध अब भी बनता है। उन्होंने अदालत से याचिका पर बाल अधिकार संस्था को नोटिस जारी करने का अनुरोध किया ताकि वह हलफनामा दाखिल कर सके। एनसीपीसीआर के वकील ने कहा कि हमारा मानना है कि अपराध बनता है। 

यदि अदालत मुझे नोटिस जारी करती है तो मैं हलफनामा दाखिल करूंगा। मैं याचिकाकार्ता का साथ दूंगा। याचिकाकर्ता के यह कहने पर कि उक्त ट्वीट अब भी देश के बाहर उपलब्ध है, पूवय्या ने अदालत से कहा कि ट्विटर एक विश्वव्यापी मंच है, जिसने भारतीय क्षेत्र के लिए सामग्री को तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है। अदालत ने इस वक्त बाल अधिकार संस्था को नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता के एक नया वकील रखने में जुटे होने पर विचार करते हुए याचिका पर सुनवाई सात दिसंबर के लिए टाल दी। 

उल्लेखनीय है कि पिछले साल एक अगस्त को नौ साल की एक दलित बच्ची की रहस्मय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसके माता-पिता ने आरोप लगाया कि था कि उसके (बच्ची के) साथ दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुराने नांगल गांव स्थित श्मशान के एक पुजारी ने बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी। साथ ही, उसके शव की अंत्येष्टि कर दी।

प्रमुख खबरें

Dumka में रसोइये की मौत पर BJP MLA देवेंद्र कुंवर समेत नौ पर FIR दर्ज

BJP ने Sukanta Majumdar को कोलकाता निगम चुनाव का प्रभारी बनाया, हावड़ा में Rahul Sinha को कमान

Hathras Case: Allahabad High Court ने पीड़िता के परिवार को 3 माह में पुनर्वास देने का आदेश दिया

MNS की Mumbai में दो टूक, मराठी न बोलने वाले ऑटो चालक छोड़ें महाराष्ट्र