शतरंज के क्षेत्र में सात आविष्कार कर इस दिव्यांग युवक ने इंटरनेशनल बुक आफ रिकार्ड में नाम दर्ज करवाया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 17, 2021

जयपुर। विलक्षण और घातक बीमारी से पीड़ित जयपुर के एक दिव्यांग युवक ने शतरंज के क्षेत्र में सात आविष्कार और तीन पेटेंट अपने नाम कर इंटरनेशनल बुक आफ रिकार्ड और इंडिया रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने की उपलब्धि हासिल की है। ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति’ पुरस्कार से सम्मानित हृदयेश्वर सिंह भाटी (18) को गत वर्ष भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट रचनात्मक बाल श्रेणी के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हाल ही में इंटरनेरशल बुक आफ रिकार्डस और इंडिया बुक आफ रिकार्डस ने उनकी उपलब्धियों को मान्यता दी है।

इसे भी पढ़ें: राज्यसभा की समितियों के प्रदर्शन में सुधार, उपस्थिति बढ़ाने के लिए नायडू ने लिखा अध्यक्षों को पत्र

मैंने इस पर काम किया और एक परिपत्र शतरंज संस्करण विकसित किया।’’ उन्होंने शुरू में 2013 में एक छह खिलाड़ी परिपत्र शतरंज का आविष्कार किया और इसके लिये एक पेटेंट प्राप्त किया। बाद में उन्होंने 12 और 60 खिलाड़ियो का शतरंज परिपत्र विकसित किया और उनके लिये पेटेंट प्राप्त किया। भाटी ने दो वाहनों और 16 बाई 16 सुडोकू में पावर वाहन की पहुंच के लिये रैंप संशोधन में भी योगदान दिया है।

प्रमुख खबरें

जब राहत का सफर शुरू होने से पहले ही रुका! भारत से मेडिकल ऐड लेने आ रहा इरानी प्लेन US Strike में क्षतिग्रस्त

Dubai Port के पास Kuwaiti Oil Tanker बना निशाना, हमले के बाद भीषण आग, खाड़ी में हाई अलर्ट जारी

Isfahan Attack: Iran के परमाणु ठिकाने Isfahan पर अमेरिका का Bunker Buster हमला, ज़मीन के नीचे सब कुछ तबाह!

ISRO के दिग्गजों ने संभाली कमान, Surat में बन रहा देश का पहला Private Liquid Rocket