By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 14, 2026
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने सोमवार को राज्य में गंभीर सूखे तथा पेयजल और बिजली की संभावित किल्लत को लेकर चिंता जताई। शिवकुमार ने कहा कि सरकार ताप विद्युत उत्पादन बढ़ाने और राष्ट्रीय ग्रिड के जरिये अतिरिक्त बिजली हासिल करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। शिवकुमार ने अपने गृहनगर कनकपुरा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 100 तालुकों में पहले ही सूखा घोषित किया जा चुका है और निर्धारित मानदंडों के आधार पर अन्य क्षेत्रों को भी सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने ऊर्जा मंत्री के जे जॉर्ज से इस बारे में विस्तृत चर्चा करने और पड़ोसी राज्यों से बात करने को कहा है कि क्या कदम उठाए जा सकते हैं।’’ शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में निवेशकों की ओर से पानी, बिजली और जमीन की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ताप विद्युत उत्पादन बढ़ाने और कोयला उत्पादक क्षेत्रों से बिजली हासिल करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक ग्रिड’ व्यवस्था के तहत देश के अन्य हिस्सों में पैदा होने वाली बिजली कर्नाटक तक लाई जा सकती है, हालांकि इसके लिए पारेषण शुल्क देना होगा।
‘एक राष्ट्र, एक ग्रिड’ व्यवस्था के तहत भारत के क्षेत्रीय बिजली ग्रिड को एकल राष्ट्रीय ग्रिड में जोड़ा गया है, जो एक समान फ्रीक्वेंसी पर संचालित होता है। शिवकुमार ने सूखे से हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 से 23 सितंबर तक प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र में किसानों की सूखे से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए दो दिन निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम सूखे के कारण किसानों के सामने आई समस्याओं पर चर्चा करना चाहते हैं।
इसलिए किसानों की सूखे से जुड़ी स्थिति पर चर्चा के लिए हमने विशेष रूप से दो दिन रखे हैं।’’ उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के विधायकों ने अपनी शिकायतें सामने रखी हैं और सत्र के दौरान उन्हें अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम इस मामले में दलगत राजनीति नहीं देखेंगे। जहां भी सूखा गंभीर है और जहां भी निर्धारित मानदंड पूरे होते हैं, हम उन क्षेत्रों को जल्द सूखाग्रस्त घोषित करेंगे।’’ शिवकुमार ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक 18 सितंबर को तटीय क्षेत्र के दक्षिण कन्नड़ जिले में होगी।
उन्होंने कहा कि बैठक में पलायन रोकने और क्षेत्र के संसाधनों का इस्तेमाल करके लोगों के जीवन में सुधार लाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘उस दिन हम कई कार्यक्रमों और नई पहलों की घोषणा करेंगे।’’ शिवकुमार ने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के बारे में कहा कि उन्होंने एक छात्रावास का दौरा किया और छात्रों के कल्याण के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कलबुर्गी, रायचूर, हावेरी और बीदर के छात्र शिक्षा के लिए कनकपुरा के छात्रावासों में रह रहे हैं, हालांकि त्योहार के कारण कई छात्र अपने घर चले गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात पर नजर रखने की जरूरत है कि बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है, वार्डन अपना काम ठीक से कर रहे हैं या नहीं और बच्चे किसी गलत दिशा में तो नहीं जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘माता-पिता अपने बच्चों को हमारी (सरकार की) देखभाल में छोड़ते हैं और सरकार पर उसी तरह भरोसा करते हैं। हमें इस जिम्मेदारी के बारे में सोचना होगा।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या सभी कांग्रेस विधायक सरकार की ‘प्रजा सेवा’ पहल में हिस्सा लेंगे, शिवकुमार ने कहा कि वे ऐसा करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों को कार्यक्रम और संबंधित विभाग के बारे में जानकारी देना अभी बाकी है।
इस पहल का उद्देश्य शासन को लोगों के करीब लाना, जन शिकायतों का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करना है। मंत्रिमंडल में रिक्ति कब भरी जाएगी, इस सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि पार्टी के निर्देश मिलने के बाद फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी हमारी पार्टी (कांग्रेस) हमें बताएगी, हम ऐसा करेंगे।